सुकमा, 12 जुलाई 2025
छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित सुकमा जिले में शनिवार को सुरक्षा बलों को बड़ी कामयाबी मिली है। जिले के पुलिस अधीक्षक कार्यालय में 23 इनामी नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया। इन नक्सलियों पर कुल 1.18 करोड़ रुपये का इनाम घोषित था। आत्मसमर्पण करने वालों में कई खतरनाक और लंबे समय से सक्रिय नक्सली शामिल हैं। इनमें डीवीसीएम (डिवीजनल कमेटी मेंबर) स्तर का कुख्यात नक्सली लोकेश उर्फ पोड़ियाम भीमा भी है, जो नक्सली गतिविधियों में वर्षों से संलिप्त था और सुरक्षाबलों के लिए बड़ी चुनौती माना जाता था।

सुकमा एसपी कार्यालय में इन नक्सलियों ने आत्मसमर्पण करते हुए हिंसा का रास्ता छोड़ शांति की ओर कदम बढ़ाया। पुलिस और प्रशासन ने आत्मसमर्पण करने वालों का स्वागत करते हुए उन्हें पुनर्वास नीति के तहत सहायता प्रदान करने की बात कही।पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आत्मसमर्पण करने वाले नक्सली कई बड़ी वारदातों में शामिल रहे हैं, जिनमें सुरक्षा बलों पर हमले, लूटपाट, आगजनी और आम नागरिकों को डराने-धमकाने जैसी घटनाएं शामिल हैं।
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि यह सफलता राज्य सरकार की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति, स्थानीय पुलिस व सीआरपीएफ के संयुक्त प्रयास और लगातार चलाए जा रहे जनसंपर्क अभियानों का परिणाम है।आईजी बस्तर सुंदरराज पट्टलिंगम ने कहा, ‘आज के आत्मसमर्पण से यह स्पष्ट है कि माओवादी अब हिंसा को छोड़कर मुख्यधारा में लौटना चाह रहे हैं | यह बस्तर में शांति और पुनर्वास की दिशा में एक सकारात्मक संकेत है’ |
मुख्य बिंदु:
- 23 इनामी नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण
- कुल इनाम राशि: ₹1.18 करोड़
- डीवीसीएम स्तर का नक्सली लोकेश उर्फ पोड़ियाम भीमा भी शामिल
- आत्मसमर्पण सुकमा पुलिस अधीक्षक कार्यालय में हुआ
- आत्मसमर्पणकर्ताओं को पुनर्वास नीति का लाभ मिलेगा
प्रशासन को उम्मीद है कि इस आत्मसमर्पण से क्षेत्र में शांति बहाली की दिशा में नया संदेश जाएगा और अन्य भटके हुए युवाओं को भी मुख्यधारा से जुड़ने की प्रेरणा मिलेगी।
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