32.1 C
Raipur
Sunday, March 29, 2026

बिहान के तहत ग्रामीण महिलाएं हो रही स्वावलंबी

HomeChhattisgarhबिहान के तहत ग्रामीण महिलाएं हो रही स्वावलंबी

Date:

आयमूलक गतिविधियों से कमा रही 50 से 60 हजार रुपए तक की आय


कोण्डागांव 13 मार्च 2023.//ग्रामीण क्षेत्र में निवासरत महिलाओं को रोजगार से जोड़कर सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से राज्य सरकार द्वारा राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान का शुभारंभ किया गया है।  इन्हें आर्थिक रूप से सबल बनाने के लिए राज्य सरकार की ओर से हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं। आज बिहान की महिलाएं समूह से जुड़कर सफलता की नयी कहानियां लिख रही हैं तथा अपने सपने को पंख दे कर नयी उड़ान भरने को तैयार हैं। योजना के अंतर्गत एनआरएलएम की टीम व तीनों स्तर की पंचायतों द्वारा समूह का वित्तीय समावेशन व कौशल उन्नयन किया जा रहा है ताकि वे अपने एवं अपने परिवार की आजीविका संवर्धन में अग्रसर हो सके। आज बिहान से जुड़ कर गांव की महिलाएं अपना स्वरोजगार स्थापित कर पारीवारिक खर्चों में अपने परिवार का हाथ बटा रही हैं साथ ही परिवार और समाज में अपनी एक अलग पहचान भी बना रही हैं।
एनआरएलएम से प्रशिक्षण एवं वित्तीय सहायता प्राप्त कर फरसगांव विकासखंड के अंतर्गत ग्राम मोहलई की जय मां बमलेश्वरी स्व सहायता समूह की  महिलाओं द्वारा वर्ष 2018 से सब्जी उत्पादन का कार्य किया जा रहा है। समूह से जुड़ी हुई महिला श्रीमती फूलन बाई पांडे बताती हैं कि समूह के द्वारा लगभग ढाई एकड़ कृषि भूमि पर करेला एवं मिर्ची की खेती की जा रही है इसके लिए समूह को योजनांतर्गत बैंक लिंकेज के माध्यम से 2 लाख रुपए का ऋण निम्न ब्याज दर पर प्राप्त हुआ था जिसे खेती में लगाकर समूह के द्वारा आजीविका संवर्धन किया जा रहा है। अब तक सब्जी बेचकर समूह को लगभग 70 हजार  रुपए तक का शुद्ध आय प्राप्त हो चुका है। इसके अलावा ग्राम पंचायत मोहलई के मां बमलेश्वरी स्व सहायता समूह की ही महिलाओं के द्वारा मार्च 2022 से मछली पालन कार्य किया जा रहा है। इस समूह की महिलाओं को इस कार्य से अब तक 70 हजार 800 रुपए का शुद्ध आय प्राप्त हो चुका है।
इसी प्रकार फरसगांव ब्लाक के ग्राम पंचायत हिर्री की मां शीतला स्व सहायता समूह की महिलाओं द्वारा जुलाई 2022 से मछली पालन का कार्य किया जा रहा है। इसके लिए समूह को योजनांतर्गत बैंक लिंकेज के माध्यम से 5 लाख रूपए का ऋण निम्न ब्याज दर पर प्राप्त हुआ था। इस राशि का उपयोग करते हुए समूह की महिलाओं के द्वारा मछ्ली पालन व्यवसाय प्रारंभ किया गया। उनके द्वारा मछलियों का स्थानीय बाजारों में विक्रय कर अब तक 65 हजार रुपए तक का शुद्ध लाभ अर्जित किया जा चुका है। फरसगांव ब्लॉक के ही ग्राम पंचायत मोदे  के सूरज स्व सहायता समूह की महिलाओं द्वारा दिसंबर 2021 से छोटे स्तर पर मुर्गी पालन का कार्य किया जा रहा है तथा इस व्यवसाय से समूह की महिलाओं को अब तक 65 हजार 300 रुपए का शुद्ध आय प्राप्त हो चुका है। तथा फरसगांव ग्राम ब्लाक के ही ग्राम पंचायत कोर्राबड़गांव के वसुंधरा स्व सहायता समूह की महिलाएं अप्रैल 2022 से किराना दुकान संचालन का कार्य कर रहे हंै जिससे समूह की महिलाओं को अब तक 54 हजार रुपए तक का शुद्ध आय प्राप्त हो चुका है।
समूह की महिलाएं बताती हैं कि बिहान समुह से जुड़ने से पहले वे सभी पारंपरिक खेती किसानी के साथ गृह कार्य ही किया करती थी बिहान समूह से जुड़ने के पश्चात उनके जीवन में अद्भुत परिवर्तन आया है अब वे सभी अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा प्रदान करने के साथ पारीवारिक खर्चों में भी अपना योगदान प्रदान कर पा रही हैं। जिससे वे सभी बहुत खुश हैं तथा आत्मनिर्भर बनकर गर्व के साथ अपना जीवन यापन कर रही हैं।

स्वतंत्र छत्तीसगढ़
स्वतंत्र छत्तीसगढ़https://swatantrachhattisgarh.com
(संपादक) इस साइट के कुछ तत्वों में उपयोगकर्ताओं द्वारा प्रस्तुत सामग्री ( समाचार / फोटो / विडियो आदि ) शामिल होगी । स्वतंत्र छत्तीसगढ़ इस तरह के सामग्रियों के लिए कोई ज़िम्मेदार नहीं स्वीकार करता है। स्वतंत्र छत्तीसगढ़ में प्रकाशित ऐसी सामग्री के लिए संवाददाता / खबर देने वाला स्वयं जिम्मेदार होगा, स्वतंत्र छत्तीसगढ़ या उसके स्वामी, मुद्रक, प्रकाशक, संपादक की कोई भी जिम्मेदारी नहीं होगी. सभी विवादों का न्याय क्षेत्र रायपुर होगा ।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

Subscribe

Popular

More like this
Related

अंबिकापुर जेल वार्ड में नियमों की अनदेखी, 2 प्रहरी निलंबित…

अंबिकापुर /छत्तीसगढ़ मुख्य बिंदु गंभीर बीमारी का हवाला देकर...