रायपुर, छत्तीसगढ़
रक्षाबंधन के अवसर पर 28 अगस्त 2026 को छत्तीसगढ़ में छुट्टी को लेकर बड़ा बदलाव किया गया है। राज्य शासन ने पहले घोषित सामान्य अवकाश को अब सार्वजनिक अवकाश में परिवर्तित कर दिया है। इसके बाद प्रदेश के बैंक और कोषालय भी बंद रहेंगे। वहीं ज्योतिषीय गणना के अनुसार इस बार रक्षाबंधन भद्रा रहित रहेगा और 28 अगस्त को भाई-बहन का पवित्र पर्व मनाया जाएगा।
हेड लाइंस
28 अगस्त को सामान्य अवकाश की जगह सार्वजनिक अवकाश घोषित
रक्षाबंधन पर छत्तीसगढ़ के बैंक और कोषालय भी रहेंगे बंद
27 अगस्त की रात समाप्त हो जाएगी भद्रा, 28 अगस्त को मनाया जाएगा पर्व
सुबह 7.57 से 11.05 बजे तक शुभ चौघड़िया मुहूर्त
राहुकाल सुबह 11.05 से दोपहर 12.40 बजे तक, इस दौरान राखी बांधने से बचने की सलाह
सार्वजनिक अवकाश में बदली छुट्टी: रायपुर, छत्तीसगढ़ में रक्षाबंधन पर्व को लेकर राज्य शासन के सामान्य प्रशासन विभाग ने महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। 28 अगस्त को पहले सामान्य अवकाश घोषित किया गया था, लेकिन अब इस अवकाश को सार्वजनिक अवकाश में परिवर्तित कर दिया गया है। सार्वजनिक अवकाश घोषित होने के बाद प्रदेश के बैंक और कोषालय भी बंद रहेंगे। ऐसे में बैंकिंग, नकद लेनदेन और कोषालय से जुड़े जरूरी कार्यों के लिए लोगों को पहले से योजना बनानी होगी। खासकर जिन लोगों को बैंक शाखा या कोषालय से संबंधित आवश्यक काम निपटाने हैं, उन्हें छुट्टी से पहले अपने जरूरी कार्य पूरे कर लेने चाहिए।
बैंकिंग सेवाओं पर पड़ेगा असर: सार्वजनिक अवकाश का सीधा असर बैंक शाखाओं और शासकीय कोषालयों के नियमित कामकाज पर पड़ेगा। बैंक बंद रहने के कारण शाखा स्तर पर होने वाले नकद जमा, निकासी, चेक से जुड़े कुछ कार्य और अन्य ऑफलाइन बैंकिंग सेवाएं उपलब्ध नहीं होंगी। हालांकि, डिजिटल बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग, यूपीआई और एटीएम जैसी सुविधाएं सामान्य रूप से उपलब्ध रह सकती हैं, लेकिन लोगों को अपनी जरूरत के अनुसार पहले से तैयारी रखने की आवश्यकता होगी। राज्य सरकार के इस निर्णय के बाद रक्षाबंधन की छुट्टी का स्वरूप अधिक व्यापक हो गया है।
28 अगस्त को ही मनाया जाएगा रक्षाबंधन: इस वर्ष रक्षाबंधन की तिथि को लेकर ज्योतिषीय गणना में पूर्णिमा और उदया तिथि का विशेष महत्व बताया गया है। सावन मास की पूर्णिमा तिथि 28 अगस्त की सुबह 9.48 बजे तक रहेगी। उदया तिथि के आधार पर 28 अगस्त को रक्षाबंधन मनाया जाएगा। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार इस बार भद्रा का साया रक्षाबंधन के मुख्य पर्व के समय बाधा नहीं बनेगा, क्योंकि भद्रा 27 अगस्त की रात में ही समाप्त हो जाएगी। यही कारण है कि 28 अगस्त को भाई-बहन पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ राखी का पर्व मना सकेंगे।
भद्रा की बाधा नहीं, दिनभर रहेगा उत्सव का माहौल: रक्षाबंधन पर भद्रा काल को लेकर अक्सर लोगों के बीच विशेष चर्चा रहती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भद्रा काल में कुछ शुभ कार्यों से बचने की परंपरा है। इस बार राहत की बात यह है कि भद्रा 27 अगस्त की रात में समाप्त हो जाएगी। ऐसे में 28 अगस्त को पर्व के दौरान भद्रा की बाधा नहीं रहेगी। पूर्णिमा तिथि उदया काल में प्राप्त होने के कारण रक्षाबंधन 28 अगस्त को मनाया जाना मान्य माना गया है। भाई अपनी बहनों से राखी बंधवाकर उनके प्रति सुरक्षा और स्नेह का संकल्प लेंगे, जबकि बहनें भाइयों की सुख-समृद्धि और लंबी आयु की कामना करेंगी।
सुबह का शुभ चौघड़िया मुहूर्त: ज्योतिषीय जानकारी के अनुसार 28 अगस्त, शुक्रवार को राखी बांधने के लिए सुबह के समय विशेष शुभ योग रहेंगे। चौघड़िया के अनुसार लाभ का समय सुबह 7.57 बजे से 9.31 बजे तक बताया गया है। इसके बाद अमृत चौघड़िया सुबह 9.30 बजे से 11.05 बजे तक रहेगा। इन समयावधियों में भाई की कलाई पर राखी बांधना शुभ माना जा सकता है। धार्मिक परंपराओं में चौघड़िया का उपयोग शुभ कार्यों के लिए उपयुक्त समय चुनने में किया जाता है।
अभिजीत मुहूर्त भी रहेगा महत्वपूर्ण: सुबह के शुभ समय के बाद अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12.14 बजे से 12.50 बजे तक रहेगा। जिन परिवारों में सुबह राखी बांधने का अवसर नहीं मिल पाता, वे धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस अवधि पर भी विचार कर सकते हैं। हालांकि, अलग-अलग क्षेत्रों और पंचांगों में स्थानीय सूर्योदय तथा गणना के आधार पर मुहूर्त में मामूली अंतर संभव है। इसलिए विशेष धार्मिक अनुष्ठान कराने वाले परिवार स्थानीय पंचांग या विद्वान आचार्य से भी समय की पुष्टि कर सकते हैं।
राहुकाल में 1 घंटा 35 मिनट का ब्रेक: ज्योतिषीय जानकारी के अनुसार 28 अगस्त को सुबह 11.05 बजे से दोपहर 12.40 बजे तक राहुकाल रहेगा। इस दौरान राखी बांधने और अन्य शुभ कार्यों से बचने की परंपरा बताई जाती है। इसलिए सुबह 11.05 बजे तक के शुभ चौघड़िया में या राहुकाल समाप्त होने के बाद अभिजीत मुहूर्त और अन्य अनुकूल समय में राखी बांधने की योजना बनाई जा सकती है। राहुकाल समाप्त होने के बाद परिवार अपनी सुविधा और धार्मिक मान्यता के अनुसार पर्व का आयोजन कर सकेंगे।
बाजारों में बढ़ी रौनक: रक्षाबंधन नजदीक आते ही प्रदेश के बाजारों में भी उत्साह बढ़ने लगा है। दुकानों पर पारंपरिक राखियों से लेकर डिजाइनर, बच्चों की पसंद वाली और आकर्षक राखियों की खरीदारी हो रही है। राखी के साथ मिठाई, कपड़े, उपहार और सजावटी सामग्री की मांग भी बढ़ती जा रही है। भाई-बहन के प्रेम और विश्वास के इस पर्व को लेकर परिवारों में विशेष तैयारियां चल रही हैं। घरों में पूजा की तैयारी के साथ मिठाइयों और पकवानों की व्यवस्था भी की जा रही है।
सावन पूर्णिमा के साथ विशेष धार्मिक महत्व: रक्षाबंधन सावन मास की पूर्णिमा तिथि पर मनाया जाता है, इसलिए इसका धार्मिक महत्व भी विशेष माना जाता है। इस दौरान मंदिरों और शिवालयों में पूजा-अर्चना, अभिषेक और धार्मिक आयोजनों का माहौल रहेगा। कई स्थानों पर हवन, भंडारे और विशेष पूजा कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। रक्षाबंधन केवल भाई-बहन के रिश्ते तक सीमित पर्व नहीं है, बल्कि यह स्नेह, विश्वास, सुरक्षा और पारिवारिक संबंधों की मजबूती का प्रतीक भी है।
लोग पहले निपटा लें जरूरी बैंकिंग कार्य: 28 अगस्त को सार्वजनिक अवकाश घोषित होने के कारण बैंक और कोषालय बंद रहेंगे। ऐसे में लोगों को किसी भी जरूरी ऑफलाइन बैंकिंग कार्य, दस्तावेज जमा करने, चेक से संबंधित काम या कोषालय के आवश्यक कार्यों को पहले पूरा करने की सलाह दी जा सकती है। त्योहार और सार्वजनिक अवकाश के कारण अंतिम समय में परेशानी से बचने के लिए आवश्यक वित्तीय कार्यों की पहले से योजना बनाना बेहतर रहेगा। डिजिटल माध्यम से होने वाले कार्यों के लिए भी लोगों को अपने बैंक और संबंधित सेवा प्रदाता की उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी रखनी चाहिए।
एक नजर में रक्षाबंधन 2026: रक्षाबंधन 28 अगस्त 2026, शुक्रवार को मनाया जाएगा। पूर्णिमा तिथि सुबह 9.48 बजे तक रहेगी और भद्रा 27 अगस्त की रात में समाप्त हो जाएगी। राखी बांधने के लिए लाभ चौघड़िया सुबह 7.57 से 9.31 बजे तक, अमृत चौघड़िया सुबह 9.30 से 11.05 बजे तक तथा अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12.14 से 12.50 बजे तक रहेगा। राहुकाल सुबह 11.05 बजे से दोपहर 12.40 बजे तक बताया गया है। वहीं छत्तीसगढ़ में 28 अगस्त को सार्वजनिक अवकाश होने से बैंक और कोषालय भी बंद रहेंगे।
खबरें और भी…


