स्वतंत्र छत्तीसगढ़
मुख्य बिंदु
- 16 मई 2026 को जामटोली और कुनकुरी में आयोजित होगा शिविर
- जशपुर जनपद के 14 गांवों के ग्रामीण कर सकेंगे आवेदन
- नगर पंचायत कुनकुरी के 15 वार्डों के नागरिकों को मिलेगा लाभ
- पहले 11 मई को प्रस्तावित था कुनकुरी शिविर, अब नई तारीख जारी
- मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai के निर्देश पर हो रहा आयोजन
- प्रशासन ने अधिकारियों को दिए जिम्मेदारी निभाने के निर्देश
सुशासन तिहार 2026 के तहत जशपुर में लगेगा जनसमस्या निवारण शिविर
Chhattisgarh सरकार द्वारा चलाए जा रहे “सुशासन तिहार 2026” अभियान के अंतर्गत Jashpur जिले में आम नागरिकों की समस्याओं के समाधान के लिए विशेष शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai के निर्देशानुसार 16 मई 2026 को जनपद पंचायत जशपुर अंतर्गत ग्राम जामटोली और नगर पंचायत कुनकुरी में जनसमस्या निवारण शिविर आयोजित किए जाएंगे।
इस शिविर के माध्यम से ग्रामीण और शहरी नागरिक अपनी समस्याओं, मांगों और विकास कार्यों से संबंधित आवेदन सीधे प्रशासन के समक्ष प्रस्तुत कर सकेंगे। जिला प्रशासन का दावा है कि प्राप्त आवेदनों का समयबद्ध और प्रभावी निराकरण सुनिश्चित किया जाएगा।
14 गांवों के ग्रामीणों को मिलेगा सीधा फायदा
ग्राम जामटोली में आयोजित होने वाले शिविर में जामटोली, बड़ाबनाई, जुरतेला, पुत्रीचौरा, पिलखी, साईटांगरटोली, पोड़ी, लोदाम, बाम्हनपुरा, चौलीटांगरटोली, पोरतेंगा, झोलंगा, जकबा और लोखण्डी सहित कुल 14 गांवों के ग्रामीण शामिल हो सकेंगे।
ग्रामीणों को राशन कार्ड, पेंशन, प्रधानमंत्री आवास योजना, सड़क, बिजली, पानी, राजस्व मामलों और अन्य सरकारी योजनाओं से जुड़ी समस्याओं के निराकरण का अवसर मिलेगा। प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में मौके पर ही कई मामलों का समाधान किए जाने की तैयारी है।
कुनकुरी नगर पंचायत के 15 वार्डों के नागरिक भी होंगे शामिल
Kunkuri नगर पंचायत के वार्ड क्रमांक 1 से 15 तक के नागरिक भी इस शिविर में भाग लेकर अपनी समस्याएं दर्ज करा सकेंगे। पहले यह शिविर 11 मई 2026 को प्रस्तावित था, लेकिन प्रशासन द्वारा संशोधित आदेश जारी करते हुए अब इसकी नई तारीख 16 मई तय की गई है।
नगर क्षेत्र के लोगों को पेयजल, सड़क, सफाई, आवास, कर, पेंशन और अन्य नागरिक सुविधाओं से जुड़े मामलों के समाधान के लिए यह शिविर महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
प्रशासन ने अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश
जशपुर कलेक्टर ने शिविरों के सफल संचालन के लिए नोडल अधिकारियों और विभिन्न विभागों के कर्मचारियों को जिम्मेदारियां सौंपी हैं। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे आम जनता की समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान सुनिश्चित करें।
जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे अपने संबंधित क्षेत्र के शिविर में पहुंचकर आवेदन प्रस्तुत करें, ताकि उनकी समस्याओं का त्वरित और प्रभावी समाधान किया जा सके।
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