36.1 C
Raipur
Thursday, May 7, 2026

“जय बिहान” से आत्मनिर्भरता तक: बलरामपुर में महिलाओं की बदलती तस्वीर के साक्षी बने मुख्यमंत्री…

HomeChhattisgarhBALRAMPUR“जय बिहान” से आत्मनिर्भरता तक: बलरामपुर में महिलाओं की बदलती तस्वीर के...

Date:

बलरामपुर / छत्तीसगढ़

मुख्य बिंदु :
• मुख्यमंत्री ने RSETI में महिलाओं से किया संवाद
‘पशु सखी’ और ‘लखपति दीदी’ की सराहना
• 510 लोगों को स्वरोजगार प्रशिक्षण का लाभ
• 5 समूहों को 21 लाख रुपये के चेक वितरित
• बाल हितैषी पंचायत के लिए महिलाओं को सम्मान

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बलरामपुर प्रवास के दौरान ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (RSETI) पहुंचकर महिलाओं और युवाओं से आत्मीय संवाद किया। “जय बिहान” के संबोधन से शुरू हुई इस मुलाकात ने पूरे माहौल को उत्साह से भर दिया। प्रशिक्षण ले रही महिलाओं के कार्यों का अवलोकन करते हुए मुख्यमंत्री ने उनकी मेहनत और आत्मनिर्भर बनने की दिशा में उठाए गए कदमों की सराहना की।

प्रशिक्षण से बदलती ग्रामीण महिलाओं की भूमिका

मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से ‘पशु सखी’ और ‘लखपति दीदी’ से बातचीत कर उनके अनुभवों को जाना। ग्राम केवली की अनुराधा गुप्ता ने बताया कि बिहान योजना से जुड़कर वे गांव में पशुओं के स्वास्थ्य और जागरूकता का कार्य कर रही हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस तरह के कौशल प्रशिक्षण से महिलाएं न केवल अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत कर रही हैं, बल्कि गांव की अर्थव्यवस्था को भी नई दिशा दे रही हैं।

स्वरोजगार के अवसरों में वृद्धि

RSETI के माध्यम से जिले में अब तक 16 बैचों में 510 प्रशिक्षणार्थियों को तैयार किया जा चुका है। यह पहल ग्रामीण युवाओं और महिलाओं के लिए रोजगार के नए अवसर खोल रही है। मुख्यमंत्री ने इस उपलब्धि को ग्रामीण विकास के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि ऐसे प्रयासों से आत्मनिर्भर भारत की अवधारणा को जमीनी स्तर पर मजबूती मिल रही है।

स्व-सहायता समूहों की सफलता की कहानी

संयुक्त जिला कार्यालय परिसर में आयोजित प्रदर्शनी में मुख्यमंत्री ने विभिन्न स्व-सहायता समूहों के उत्पादों का अवलोकन किया। कोमल समूह की पूर्णिमा बासिन ने जैविक खेती के माध्यम से जीराफूल चावल का उत्पादन कर एक वर्ष में 3 लाख रुपये की बिक्री की जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने उनकी सफलता की सराहना करते हुए 5 समूहों को 21 लाख रुपये के चेक वितरित किए।

महिला नेतृत्व और सामाजिक विकास

कार्यक्रम के दौरान ग्राम पंचायत कछिया की सरपंच खुशबू सिंह और सचिव सुनीता मरावी को बाल हितैषी पंचायत श्रेणी में प्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त करने पर सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं को नेतृत्व मिलने से समाज के महत्वपूर्ण मुद्दों—विशेषकर बच्चों के भविष्य—पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। उन्होंने विश्वास जताया कि महिलाओं की बढ़ती भागीदारी राज्य को आत्मनिर्भरता और समृद्धि की ओर तेजी से आगे बढ़ाएगी।

खबरें और भी …

स्वतंत्र छत्तीसगढ़
स्वतंत्र छत्तीसगढ़https://swatantrachhattisgarh.com
(संपादक) इस साइट के कुछ तत्वों में उपयोगकर्ताओं द्वारा प्रस्तुत सामग्री ( समाचार / फोटो / विडियो आदि ) शामिल होगी । स्वतंत्र छत्तीसगढ़ इस तरह के सामग्रियों के लिए कोई ज़िम्मेदार नहीं स्वीकार करता है। स्वतंत्र छत्तीसगढ़ में प्रकाशित ऐसी सामग्री के लिए संवाददाता / खबर देने वाला स्वयं जिम्मेदार होगा, स्वतंत्र छत्तीसगढ़ या उसके स्वामी, मुद्रक, प्रकाशक, संपादक की कोई भी जिम्मेदारी नहीं होगी. सभी विवादों का न्याय क्षेत्र रायपुर होगा ।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

Subscribe

Popular

More like this
Related

महिलाओं को बड़ी राहत: अब जमीन-घर खरीद पर रजिस्ट्रेशन में 50% छूट लागू…

रायपुर / छत्तीसगढ़ हाइलाइट : प्रदेश में महिलाओं को संपत्ति...

महासमुंद में अवैध खनन पर सख्ती: तीन हाईवा जब्त, प्रशासन का कड़ा संदेश…

महासमुंद / छत्तीसगढ़ हाइलाइट :महासमुंद में अवैध रेत और...