रायपुर / छत्तीसगढ़
रायपुर, 03 मई 2026। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने बलरामपुर जिला मुख्यालय में निर्माणाधीन नालंदा परिसर का निरीक्षण कर कार्यों की प्रगति और गुणवत्ता का बारीकी से जायजा लिया। लगभग 4 करोड़ 48 लाख रुपये की लागत से तैयार हो रहे इस परिसर को जिले के विद्यार्थियों के लिए एक महत्वपूर्ण अध्ययन केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि यह परियोजना केवल एक भवन नहीं, बल्कि युवाओं के भविष्य से जुड़ी पहल है, इसलिए इसमें किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सख्त निर्देश
निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने निर्माण सामग्री, तकनीकी मानकों और कार्य की गति की विस्तार से जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी कार्य निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुरूप ही किए जाएं और समय-सीमा का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य में पारदर्शिता और जिम्मेदारी दोनों जरूरी हैं, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की समस्या न आए।

विद्यार्थियों के लिए आधुनिक सुविधाओं का विकास
मुख्यमंत्री साय ने बताया कि नालंदा परिसर में आधुनिक ई-लाइब्रेरी, प्रतियोगी परीक्षाओं से संबंधित पुस्तकें, पत्र-पत्रिकाएं और समृद्ध अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी। इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों को एक ऐसा वातावरण देना है, जहां वे बेहतर तैयारी कर सकें और प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं में सफलता हासिल कर सकें।
परिसर को जल्द पूर्ण करने पर जोर
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि निर्माण कार्य में तेजी लाई जाए, ताकि परिसर जल्द से जल्द विद्यार्थियों के उपयोग के लिए उपलब्ध हो सके। उन्होंने कहा कि समय पर कार्य पूरा होना उतना ही महत्वपूर्ण है जितना उसकी गुणवत्ता, क्योंकि इससे सीधे तौर पर युवाओं का भविष्य प्रभावित होता है।
युवाओं के भविष्य निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल
मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि नालंदा परिसर जिले के विद्यार्थियों के लिए ज्ञान और अवसर का मजबूत केंद्र बनेगा। उन्होंने इसे राज्य सरकार की उस प्रतिबद्धता का प्रतीक बताया, जिसके तहत युवाओं को आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं, ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें और अपने सपनों को साकार कर सकें।
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