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Friday, April 17, 2026

“मोर गांव, मोर पानी” अभियान की शुरुआत—क्या बदलेगा ग्रामीण जल प्रबंधन का भविष्य…

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हाइलाइट बॉक्स:

  • 500 नए तालाब निर्माण की शुरुआत
  • 13,000+ आजीविका डबरी तैयार
  • जल संरक्षण को जन आंदोलन बनाने की पहल
  • किसानों की आय बढ़ाने पर फोकस
  • महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा

जल संरक्षण को जन आंदोलन बनाने की पहल

विष्णुदेव साय ने जशपुर के रणजीता स्टेडियम में “मोर गांव, मोर पानी, मोर तरिया महाअभियान” का शुभारंभ करते हुए प्रदेश में जल संरक्षण की नई दिशा तय की। इस अभियान के तहत “नवा तरिया, आय के जरिया” योजना के अंतर्गत 500 नए तालाबों के निर्माण का शिलान्यास किया गया है। इसका उद्देश्य जल संचयन को बढ़ावा देना, भूजल स्तर को सुधारना और किसानों को बेहतर सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराना है।

लक्ष्य से आगे निकली डबरी निर्माण योजना

महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के अंतर्गत चल रहे इस अभियान ने अपेक्षाओं से बेहतर प्रदर्शन किया है। सरकार ने जहां 10,000 आजीविका डबरी निर्माण का लक्ष्य रखा था, वहीं 15 अप्रैल 2026 तक 13,000 से अधिक डबरी बनकर तैयार हो चुकी हैं। यह उपलब्धि न केवल योजना की गति को दर्शाती है बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में इसके सकारात्मक प्रभाव की भी पुष्टि करती है।

किसानों की आय बढ़ाने पर फोकस

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि “जल ही जीवन और विकास का आधार है।” इस पहल के जरिए न सिर्फ पानी की उपलब्धता बढ़ेगी बल्कि किसानों की आय में भी वृद्धि होगी। आजीविका डबरी के माध्यम से मत्स्य पालन, बत्तख पालन, सिंघाड़ा उत्पादन, सब्जी खेती और वृक्षारोपण जैसी गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा, जिससे ग्रामीण परिवारों को अतिरिक्त आय के अवसर मिलेंगे।

महिला सशक्तिकरण और जनभागीदारी

अभियान में महिलाओं की भागीदारी को विशेष महत्व दिया गया है। स्व-सहायता समूहों की महिलाओं को इन कार्यों से जोड़ा जा रहा है और हितग्राही परिवार की महिला सदस्य का नाम सूचना पटल पर अंकित किया जा रहा है। साथ ही दीवार लेखन, ग्राम सभाओं, क्यूआर कोड और सोशल मीडिया के माध्यम से जागरूकता फैलाकर इसे जन आंदोलन का रूप देने की कोशिश की जा रही है।

पारदर्शिता और तकनीक से सशक्त योजना

उन्नत तकनीक और ग्राम सभा की स्वीकृति के आधार पर योजनाओं को मंजूरी दी जा रही है, जिससे पारदर्शिता और निगरानी सुनिश्चित हो रही है। यह महाअभियान न केवल जल संरक्षण बल्कि ग्राम पंचायतों के समग्र विकास और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा देने का प्रयास है, जो आने वाले समय में स्थायी बदलाव का आधार बन सकता है।

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