रायपुर / छत्तीसगढ़
संपत्ति कर के साथ वसूले जाने वाले यूजर चार्ज में बढ़ोतरी पर सियासत तेज, विपक्ष ने कहा- पहले सफाई सुधारें फिर बढ़ाएं शुल्क
हेडलाइंस :
- रायपुर नगर निगम के यूजर चार्ज में बढ़ोतरी को लेकर विवाद
- आवासीय और व्यावसायिक दोनों श्रेणियों में बढ़ाई गई दरें
- नेता प्रतिपक्ष आकाश तिवारी ने निर्णय को बताया जनविरोधी
- कांग्रेस ने बढ़ा हुआ शुल्क वापस नहीं लेने पर आंदोलन की चेतावनी दी
- निगम की सफाई व्यवस्था पर भी विपक्ष ने उठाए सवाल
रायपुर। रायपुर नगर पालिक निगम द्वारा संपत्ति कर के साथ वसूले जाने वाले कचरा संग्रहण शुल्क यानी यूजर चार्ज में की गई बढ़ोतरी को लेकर राजधानी में राजनीतिक घमासान शुरू हो गया है। नई दरों के लागू होने के बाद विपक्ष ने नगर निगम प्रशासन और महापौर परिषद पर तीखा हमला बोला है। विपक्ष का आरोप है कि शहर में सफाई व्यवस्था बदहाल है, कई वार्डों में नियमित कचरा उठाव नहीं हो रहा है और नालियों की सफाई भी संतोषजनक नहीं है, ऐसे में अतिरिक्त शुल्क का बोझ जनता पर डालना उचित नहीं है।
आवासीय और व्यावसायिक दोनों श्रेणियों में बढ़ा शुल्क
नगर निगम द्वारा जारी नई दरों के अनुसार आवासीय श्रेणी में प्रत्येक तीन वर्ष के अंतराल पर निर्धारित वृद्धि लागू की गई है। 500 वर्गफुट तक के मकानों का मासिक शुल्क 30 रुपये से बढ़ाकर 40 रुपये, 501 से 1000 वर्गफुट तक के मकानों का शुल्क 40 रुपये से बढ़ाकर 50 रुपये तथा 1000 वर्गफुट से अधिक क्षेत्रफल वाले मकानों का शुल्क 70 रुपये से बढ़ाकर 80 रुपये प्रतिमाह कर दिया गया है। वहीं व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के लिए विभिन्न श्रेणियों में 10 रुपये से लेकर 50 रुपये तक की वृद्धि की गई है।
नेता प्रतिपक्ष ने निगम प्रशासन पर साधा निशाना
रायपुर नगर निगम के नेता प्रतिपक्ष आकाश तिवारी ने इस निर्णय को जनता के हितों के खिलाफ बताते हुए कहा कि राजधानी के अधिकांश वार्डों में सफाई व्यवस्था अपेक्षित स्तर पर नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि निगम प्रशासन स्वच्छता के वास्तविक कार्यों पर ध्यान देने के बजाय केवल सौंदर्यीकरण और दीवारों पर पेंटिंग जैसे कार्यों में जनता का पैसा खर्च कर रहा है। उनका कहना है कि जब मूलभूत सेवाएं बेहतर नहीं हैं तो अतिरिक्त शुल्क वसूलना उचित नहीं माना जा सकता।
महंगाई के बीच बढ़ा आर्थिक बोझ
विपक्ष का कहना है कि बढ़ती महंगाई के दौर में आम नागरिक पहले से ही आर्थिक दबाव का सामना कर रहे हैं। ऐसे समय में कचरा संग्रहण शुल्क में वृद्धि से मध्यम वर्ग, छोटे व्यापारियों और आम परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा। कांग्रेस नेताओं ने दावा किया कि निगम को पहले सफाई व्यवस्था को प्रभावी बनाना चाहिए और उसके बाद ही किसी प्रकार के शुल्क वृद्धि पर विचार करना चाहिए।
कांग्रेस ने दी आंदोलन की चेतावनी
कांग्रेस ने नगर निगम प्रशासन से यूजर चार्ज बढ़ाने के फैसले पर तत्काल पुनर्विचार करने की मांग की है। विपक्ष का कहना है कि यदि बढ़ा हुआ शुल्क वापस नहीं लिया गया तो राजधानी में व्यापक जनआंदोलन किया जाएगा। कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी है कि इस मुद्दे को लेकर सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन किया जाएगा और आम नागरिकों की आवाज को मजबूती से उठाया जाएगा। अब इस मुद्दे पर नगर निगम प्रशासन और महापौर परिषद की अगली प्रतिक्रिया पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।
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