रायपुर / नई दिल्ली
मनी लॉन्ड्रिंग जांच में बड़ा खुलासा, जमीन, निवेश और होटल समेत कई संपत्तियां अस्थायी रूप से कुर्क
हेडलाइंस :
- प्रवर्तन निदेशालय ने 1000 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की संपत्तियां कीं अटैच
- गोवा स्थित एक लग्जरी होटल भी कार्रवाई के दायरे में
- शराब घोटाले में चार और आरोपियों के खिलाफ पूरक शिकायत दाखिल
- मामले में आरोपियों की संख्या बढ़कर 85 पहुंची
- जांच एजेंसी ने 2019 से 2023 के बीच बड़े पैमाने पर अवैध कमाई का लगाया आरोप
रायपुर/नई दिल्ली। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 1000 करोड़ रुपये से अधिक बाजार मूल्य की संपत्तियों को अस्थायी रूप से कुर्क कर लिया है। एजेंसी के अनुसार यह कार्रवाई धन शोधन निवारण अधिनियम के तहत जारी तीन अलग-अलग अनंतिम कुर्की आदेशों के माध्यम से की गई है। कुर्क की गई संपत्तियों में भूमि, वित्तीय निवेश, बैंक खाते तथा गोवा स्थित एक लग्जरी होटल भी शामिल है।
गोवा का लग्जरी होटल भी जांच के घेरे में
ईडी की कार्रवाई में गोवा के अंजुना क्षेत्र स्थित एक लग्जरी होटल को भी शामिल किया गया है। जांच एजेंसी का दावा है कि होटल के अधिग्रहण में कथित रूप से घोटाले से अर्जित धन का उपयोग किया गया था। एजेंसी के अनुसार होटल सहित कई संपत्तियों को अपराध से अर्जित आय का हिस्सा मानते हुए कुर्क किया गया है।
भूमि, निवेश और बैंक खातों पर भी कार्रवाई
ईडी ने रायपुर सहित विभिन्न स्थानों पर स्थित कई भूखंडों, अचल संपत्तियों, शेयरों, म्यूचुअल फंड निवेशों तथा बैंक खातों को भी अपने दायरे में लिया है। एजेंसी का कहना है कि इन संपत्तियों का संबंध कथित शराब सिंडिकेट से जुड़े व्यक्तियों और कंपनियों से है। कुर्क की गई संपत्तियों का पंजीकृत मूल्य लगभग 200 करोड़ रुपये बताया गया है, जबकि इनका बाजार मूल्य 1000 करोड़ रुपये से अधिक आंका गया है।
चार और आरोपी शामिल, संख्या पहुंची 85
प्रवर्तन निदेशालय ने मामले में एक और पूरक अभियोजन शिकायत विशेष अदालत में प्रस्तुत की है। इस शिकायत में चार नए आरोपियों को शामिल किया गया है, जिसके बाद इस प्रकरण में आरोपियों की कुल संख्या बढ़कर 85 हो गई है। एजेंसी का कहना है कि जांच अभी जारी है और कथित रूप से अवैध रूप से अर्जित संपत्तियों तथा लाभार्थियों की पहचान की जा रही है।
2019 से 2023 के बीच सिंडिकेट संचालन का आरोप
ईडी का आरोप है कि वर्ष 2019 से 2023 के बीच एक कथित शराब सिंडिकेट ने राज्य की आबकारी व्यवस्था में हस्तक्षेप कर बड़े पैमाने पर अवैध लाभ अर्जित किया। जांच एजेंसी के अनुसार इस कथित नेटवर्क के माध्यम से हजारों करोड़ रुपये की अवैध आय उत्पन्न हुई। हालांकि मामले से जुड़े सभी आरोप अभी न्यायिक परीक्षण के अधीन हैं और अंतिम निर्णय न्यायालय द्वारा ही किया जाएगा।
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