रायपुर / स्वतंत्र छत्तीसगढ़ डेस्क
मुख्य बिंदु :
- 12वीं हिंदी परीक्षा के लिए कड़े सुरक्षा इंतजाम
- प्रश्न पत्र पैकेट में वन टाइम लॉक सिस्टम लागू
- गोपनीय सामग्री GPS लॉक कंटेनर में भेजी गई
- पेपर लीक के बाद परीक्षा रद्द होने से लिया सबक
- भविष्य की परीक्षाओं में भी लागू होगी नई व्यवस्था
पेपर लीक के बाद कड़ा कदम
छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल (माशिमं) ने 12वीं बोर्ड की हिंदी परीक्षा को लेकर इस बार अभूतपूर्व सतर्कता बरती है। हाल ही में पेपर लीक की घटना के कारण परीक्षा रद्द करनी पड़ी थी, जिसके बाद मंडल ने अपनी सुरक्षा प्रणाली को पूरी तरह से अपग्रेड करने का फैसला लिया। अब छात्रों और अभिभावकों में पारदर्शिता और भरोसा बनाए रखने के लिए सख्त कदम उठाए जा रहे हैं।
वन टाइम लॉक सिस्टम से सुरक्षा मजबूत
इस बार प्रश्न पत्रों के पैकेट में वन टाइम लॉक सिस्टम लगाया गया है, जिसे केवल निर्धारित समय पर ही खोला जा सकेगा। इस तकनीक से पेपर समय से पहले खोलने की किसी भी संभावना को लगभग खत्म किया जा रहा है। यह सिस्टम परीक्षा केंद्रों पर निगरानी को और अधिक प्रभावी बनाता है और लीक जैसी घटनाओं को रोकने में अहम भूमिका निभाएगा।
GPS लॉक कंटेनर में भेजी गई गोपनीय सामग्री
मंडल ने गोपनीय प्रश्न पत्रों को सुरक्षित रखने के लिए उन्हें GPS लॉक युक्त कंटेनरों में भेजा है। इससे ट्रांसपोर्ट के दौरान हर गतिविधि पर नजर रखी जा सकेगी और किसी भी संदिग्ध हलचल को तुरंत ट्रैक किया जा सकेगा। यह कदम परीक्षा प्रणाली में तकनीकी मजबूती का संकेत है।
भविष्य में भी लागू होगी नई व्यवस्था
माशिमं ने स्पष्ट किया है कि वन टाइम लॉक सिस्टम केवल इस परीक्षा तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि आने वाली परीक्षाओं में भी इसे लागू किया जाएगा। इससे परीक्षा प्रक्रिया को दीर्घकालिक रूप से सुरक्षित और विश्वसनीय बनाने की दिशा में काम किया जा रहा है।
छात्रों में भरोसा लौटाने की कोशिश
इन सख्त इंतजामों के बाद उम्मीद की जा रही है कि छात्रों और अभिभावकों का भरोसा परीक्षा प्रणाली पर फिर से मजबूत होगा। एक छात्र ने कहा, “इस बार सुरक्षा देखकर लग रहा है कि परीक्षा निष्पक्ष होगी।” वहीं विशेषज्ञों का मानना है कि तकनीक का सही उपयोग शिक्षा व्यवस्था को और पारदर्शी बना सकता है।
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