रायपुर / छत्तीसगढ़
हाइलाइट :
- कमर्शियल उपभोक्ताओं को अब सिर्फ 20% तक ही LPG सिलेंडर
- शहरी क्षेत्रों में 25 दिन और ग्रामीण में 45 दिन में रिफिल अनिवार्य
- पुलिस व होमगार्ड की तैनाती से व्यवस्था होगी मजबूत
- अस्पताल, स्कूल, सुरक्षा बल जैसे जरूरी सेवाओं को प्राथमिकता
छत्तीसगढ़ सरकार ने रसोई गैस (LPG) की उपलब्धता और वितरण व्यवस्था को लेकर सख्त कदम उठाए हैं। खाद्य विभाग की सचिव रीना बाबा साहेब कंगाले ने गुरुवार को ऑयल कंपनियों के क्षेत्रीय प्रबंधकों के साथ अहम समीक्षा बैठक की। बैठक में गैस आपूर्ति को व्यवस्थित करने और उपभोक्ताओं तक समय पर सिलेंडर पहुंचाने पर विशेष जोर दिया गया। सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी स्थिति में आम जनता को परेशानी न हो और आपूर्ति प्रणाली पारदर्शी बनी रहे।
कमर्शियल उपभोक्ताओं पर नई सीमा लागू
बैठक में बड़ा फैसला लेते हुए यह तय किया गया कि अब व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को उनकी पिछली महीने की कुल खपत के अधिकतम 20 प्रतिशत तक ही एलपीजी सिलेंडर दिए जाएंगे। साथ ही शहरी क्षेत्रों में 25 दिनों और ग्रामीण क्षेत्रों में 45 दिनों के भीतर ऑनलाइन रिफिल बुकिंग सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए गए हैं। इस कदम का उद्देश्य घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता देना और अनावश्यक खपत को नियंत्रित करना है।
सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी होगी कड़ी
राज्य सरकार ने वितरण व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन को एलपीजी वितरकों के गोदामों और कार्यालयों में पुलिस और होमगार्ड की तैनाती के निर्देश दिए हैं। इससे भीड़ नियंत्रण और किसी भी तरह की अव्यवस्था पर रोक लगाने में मदद मिलेगी। साथ ही वितरकों को उपभोक्ताओं की शिकायतों का त्वरित समाधान करने और अपने संपर्क नंबर सक्रिय रखने को कहा गया है।
जरूरी सेवाओं को प्राथमिकता और रोजाना समीक्षा
सरकार ने अस्पताल, शैक्षणिक संस्थान, सुरक्षा बलों के कैंप, जेल, होटल, रेलवे और एयरपोर्ट कैंटीन जैसी आवश्यक सेवाओं को गैस आपूर्ति में प्राथमिकता देने का फैसला किया है। बैठक में यह भी तय हुआ कि कमर्शियल एलपीजी स्टॉक और वितरण की रोजाना समीक्षा की जाएगी। ऑयल कंपनियां हर दिन रिपोर्ट विभाग को सौंपेंगी, जिससे स्थिति पर लगातार निगरानी बनी रहे और जरूरत पड़ने पर तुरंत कार्रवाई की जा सके।
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