स्वतंत्र छत्तीसगढ़ डेस्क
🔶 हाइलाइट बॉक्स:
• केंद्र ने महिला आरक्षण लागू करने की दिशा में बड़े विधेयक पेश किए
• बिहार सरकार ने निर्णय का किया खुला समर्थन
• महिलाओं को मिलेगा 33% आरक्षण का लाभ
• जयप्रकाश नारायण परिसर का भी किया निरीक्षण
• महिला सशक्तिकरण पर सरकार का फोकस स्पष्ट
केंद्र के फैसले पर बिहार का समर्थन
पटना: बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम-2023’ को लागू करने के केंद्र सरकार के फैसले का समर्थन करते हुए कहा कि इस पहल को पूरे राज्य का समर्थन प्राप्त है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में महिलाओं को लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण देने की दिशा में यह एक ऐतिहासिक कदम है।
लोकसभा में पेश हुए अहम विधेयक
केंद्र सरकार ने इस अधिनियम को लागू करने के उद्देश्य से लोकसभा में ‘संविधान (131वां संशोधन) विधेयक, 2026’, ‘परिसीमन विधेयक, 2026’ और ‘केंद्र-शासित प्रदेश कानून (संशोधन) विधेयक, 2026’ पेश किए हैं। इन विधेयकों के जरिए महिला आरक्षण को प्रभावी रूप से लागू करने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा, जिससे देश की राजनीति में महिलाओं की भागीदारी मजबूत होगी।
जेपी परिसर में श्रद्धांजलि और निरीक्षण
मुख्यमंत्री ने पटना स्थित कदमकुआं में जयप्रकाश नारायण के आवास परिसर का दौरा किया और उन्हें तथा उनकी पत्नी प्रभावती देवी को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान उन्होंने परिसर के विभिन्न हिस्सों जैसे अध्ययन एवं शोध केंद्र, स्मृति कक्ष और ‘संपूर्ण क्रांति’ सभागार का निरीक्षण किया।
इतिहास से जुड़ी प्रदर्शनी का अवलोकन
निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने फोटो गैलरी का भी अवलोकन किया, जिसमें जयप्रकाश नारायण के जीवन, स्वतंत्रता आंदोलन में उनके योगदान और 1974 के जेपी आंदोलन से जुड़ी तस्वीरें प्रदर्शित थीं। इसके साथ ही उन्होंने प्रभावती देवी के जीवन पर आधारित प्रदर्शनी भी देखी, जिन्होंने महिला चरखा समिति की स्थापना कर महिलाओं के सशक्तिकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
स्थानीय प्रतिनिधियों की मौजूदगी
इस अवसर पर भाजपा विधायक दिलीप जायसवाल, पटना के जिलाधिकारी थियागराजन एसएम और एसएसपी कार्तिकेय शर्मा सहित कई अधिकारी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने महिला चरखा समिति से जुड़ी महिलाओं से संवाद भी किया और आगंतुक पुस्तिका में हस्ताक्षर कर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। यह दौरा न केवल ऐतिहासिक स्मृति को सम्मान देने का प्रतीक रहा, बल्कि महिला सशक्तिकरण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को भी दर्शाता है।
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