बिहार / भारत
रात के सन्नाटे में मची चीख-पुकार, खिड़कियां तोड़कर मरीजों को बचाया गया; शॉर्ट सर्किट की आशंका
हेडलाइंस :
- मुजफ्फरपुर के निजी अस्पताल के आईसीयू में लगी भीषण आग
- हादसे में कई मरीजों की मौत, 20 से अधिक झुलसे
- दमकल की 8 गाड़ियों ने घंटों की मशक्कत के बाद पाया काबू
- मरीजों को दूसरे अस्पतालों में किया गया शिफ्ट
- आग लगने के कारणों की जांच के लिए गठित हुई समिति
मुजफ्फरपुर। बिहार के मुजफ्फरपुर शहर स्थित ब्रह्मपुरा क्षेत्र के एक निजी अस्पताल में देर रात हुए भीषण अग्निकांड ने पूरे इलाके को दहला दिया। अस्पताल के आईसीयू वार्ड में अचानक आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। आग तेजी से फैलने के कारण वार्ड में भर्ती मरीज धुएं और लपटों की चपेट में आ गए। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार इस दर्दनाक हादसे में कई मरीजों की मौत हो गई, जबकि 20 से अधिक मरीज गंभीर रूप से झुलस गए हैं। घटना के बाद अस्पताल परिसर में चीख-पुकार और भगदड़ जैसी स्थिति बन गई।
खिड़कियां तोड़कर मरीजों को बाहर निकाला गया
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आग लगने के बाद आईसीयू वार्ड धुएं से भर गया था। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए अस्पताल कर्मचारियों और स्थानीय लोगों ने तत्काल बचाव कार्य शुरू किया। कई स्थानों पर खिड़कियां और शीशे तोड़कर मरीजों को बाहर निकाला गया। स्थानीय लोगों की तत्परता के कारण कई मरीजों की जान बचाई जा सकी। बचाव अभियान के दौरान पूरे क्षेत्र में तनाव और भय का माहौल बना रहा।
दमकल की 8 गाड़ियों ने संभाला मोर्चा
घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की आठ गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। अग्निशमन कर्मियों ने कई घंटों तक लगातार प्रयास कर आग पर काबू पाया। अधिकारियों के अनुसार आग लगने के समय आईसीयू वार्ड में बड़ी मात्रा में धुआं भर गया था, जिससे बचाव कार्य में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। राहत और बचाव कार्य पूरा होने के बाद अस्पताल परिसर को सुरक्षित घोषित किया गया।
घायलों का विभिन्न अस्पतालों में चल रहा उपचार
घटना के तुरंत बाद सभी घायलों को एम्बुलेंस के माध्यम से शहर के विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया गया। जिला प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और राहत कार्यों की निगरानी की। कई मरीजों की हालत गंभीर बताई जा रही है, जिनका उपचार विशेषज्ञ चिकित्सकों की देखरेख में जारी है। प्रशासन मृतकों की पहचान और प्रभावित परिवारों को सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया में जुटा हुआ है।
शॉर्ट सर्किट की आशंका, जांच समिति गठित
प्रारंभिक जांच में आग लगने का संभावित कारण विद्युत शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। जिला प्रशासन ने घटना की गंभीरता को देखते हुए उच्च स्तरीय जांच समिति का गठन किया है। समिति आग लगने के कारणों, अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्थाओं और आपदा प्रबंधन उपायों की विस्तृत जांच करेगी। इस हादसे ने अस्पतालों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
प्रभावित परिवारों में शोक, प्रशासन ने सहायता का दिया भरोसा
अग्निकांड के बाद मृतकों और घायलों के परिजनों में शोक और चिंता का माहौल है। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। साथ ही हादसे में जिम्मेदार पाए जाने वाले व्यक्तियों या संस्थाओं के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। पूरे राज्य में इस घटना को लेकर संवेदना व्यक्त की जा रही है और अस्पतालों की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की मांग उठने लगी है।
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