रायपुर/ छत्तीसगढ़
मैट्स विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ बिज़नेस एंड मैनेजमेंट स्टडीज़ द्वारा मंगलवार को “बजट पे चर्चा” विषय पर एक विशेषज्ञ व्याख्यान सत्र का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य हालिया केंद्रीय बजट एवं कर संबंधी प्रावधानों के प्रति विद्यार्थियों, शिक्षकों और प्रतिभागियों में जागरूकता बढ़ाना तथा उनके व्यावहारिक प्रभावों की स्पष्ट समझ विकसित करना रहा।
यह कार्यक्रम मैट्स विश्वविद्यालय के माननीय कुलाधिपति श्री गजराज पगारिया, माननीय कुलपति प्रो. के. पी. यादव, माननीय महानिदेशक श्री प्रियेश पगारिया एवं माननीय कुलसचिव श्री गोकुलानंद पांडा के मार्गदर्शन एवं नेतृत्व में आयोजित किया गया। विश्वविद्यालय प्रबंधन के निरंतर सहयोग से अकादमिक उत्कृष्टता और उद्योगोन्मुख शिक्षा को सुदृढ़ करने की दिशा में ऐसे ज्ञानवर्धक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
विशेषज्ञ वक्ताओं के रूप में श्री ओमप्रकाश सिंहानिया, एफसीए तथा श्री धर्मेन्द्र सिंह, संयुक्त आयकर आयुक्त ने सहभागिता की। उन्होंने बजट के प्रमुख प्रावधानों, कर सुधारों तथा इनके व्यवसाय, पेशेवर वर्ग और आम नागरिकों पर पड़ने वाले प्रभावों पर विस्तार से जानकारी दी। वक्ताओं ने व्यावहारिक उदाहरणों के माध्यम से बजट की बारीकियों को सरल भाषा में समझाया, जिससे सत्र अत्यंत संवादात्मक और उपयोगी सिद्ध हुआ।
इस अवसर पर स्कूल ऑफ बिज़नेस एंड मैनेजमेंट स्टडीज़ के प्रोफेसर एवं डीन डॉ. उमेश गुप्ता ने कहा कि ऐसे विशेषज्ञ सत्र अकादमिक जगत और उद्योग के बीच सेतु का कार्य करते हैं। उन्होंने बताया कि “बजट पे चर्चा” जैसे कार्यक्रम विद्यार्थियों में वित्तीय साक्षरता, विश्लेषणात्मक सोच और समसामयिक आर्थिक मुद्दों की समझ विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में विद्यार्थियों एवं शिक्षकों की सक्रिय सहभागिता देखने को मिली। प्रतिभागियों ने सत्र की विषयवस्तु, प्रस्तुति की स्पष्टता और विशेषज्ञों द्वारा साझा किए गए अनुभवों की सराहना की। यह आयोजन मैट्स विश्वविद्यालय की शैक्षणिक गुणवत्ता और व्यावसायिक विकास के प्रति प्रतिबद्धता को एक बार फिर दर्शाता है।
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