रायपुर/छत्तीसगढ़
नया रायपुर में पूर्व-अनुमोदित आयोजन स्थल को दरकिनार कर बालोद में कार्यक्रम तय किए जाने, 10 करोड़ रुपये संस्था खाते की जगह DEO बालोद को भेजे जाने और बिना वैधानिक टेंडर प्रक्रिया निर्माण कार्य पूर्ण होने जैसे आरोपों के बीच, राज्य परिषद ने राष्ट्रीय रोवर-रेंजर जम्बूरी को तत्काल प्रभाव से स्थगित किया।
राज्य परिषद की 5 जनवरी को सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में उपाध्यक्ष एवं अन्य पदाधिकारियों की सर्वसम्मत सहमति से यह निर्णय लिया गया कि बालोद में 9 जनवरी से प्रस्तावित राष्ट्रीय रोवर–रेंजर जम्बूरी को मौजूदा विवादों और वित्तीय आरोपों की गंभीरता को देखते हुए स्थगित किया जाए। बैठक में यह स्पष्ट रूप से रेखांकित किया गया कि इससे पूर्व संस्था की राज्य कार्यकारिणी और राज्य परिषद ने जम्बूरी के आयोजन हेतु नया रायपुर (राजधानी क्षेत्र) को औपचारिक रूप से अनुमोदित किया था, जिसे राष्ट्रीय और आदिवासी रोवर-रेंजर जम्बूरी जैसे बड़े आयोजनों के लिए अधिक संसाधनयुक्त और उपयुक्त माना गया था। इसके बावजूद, राज्य परिषद की वैधानिक अनुमति और सहमति के बिना स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा आयोजन स्थल को बालोद जैसे छोटे कस्बे में निर्धारित कर दिया गया, जिसे संस्था के संविधान, नियमों और प्रक्रियाओं का प्रत्यक्ष उल्लंघन बताया गया। पदाधिकारियों ने यह भी कहा कि स्थल परिवर्तन जैसा निर्णय संस्था की स्वायत्त संरचना में केवल परिषद की सहमति से ही मान्य माना जाता है, और इस प्रक्रिया को अनदेखा कर लिया जाना संस्थागत अनुशासन और प्रशासनिक मर्यादा के विपरीत है।
बैठक में वित्तीय प्रबंधन से जुड़ा एक और अत्यंत गंभीर विषय उठाया गया, जिसमें राज्य सरकार के बजट में जम्बूरी आयोजन हेतु वित्त विभाग द्वारा स्वीकृत 10 करोड़ रुपये की राशि को भारत स्काउट्स एंड गाइड्स के अधिकृत खाते में स्थानांतरित न कर, जिला शिक्षा अधिकारी (DEO), बालोद के खाते में भेज दिया गया। परिषद ने इसे संस्था की वित्तीय स्वायत्तता पर सीधा आघात और गंभीर वित्तीय अनियमितता की श्रेणी में रखा। पदाधिकारियों के अनुसार, किसी राष्ट्रीय स्तर की स्वायत्त संस्था के लिए आवंटित राशि को सीधे किसी विभागीय अधिकारी के खाते में भेजा जाना, संवैधानिक प्रावधानों और वित्तीय पारदर्शिता के मूल सिद्धांतों के विरुद्ध है। इसके अतिरिक्त, जम्बूरी स्थल पर निर्माण कार्य बिना विधिवत टेंडर प्रक्रिया के पूर्ण कराए जाने, टेंडर आमंत्रण भारत स्काउट्स एंड गाइड्स की जगह DEO कार्यालय द्वारा जारी किए जाने, और बिना तकनीकी एवं प्रशासनिक स्वीकृति के निर्माण कार्य पूर्ण दिखाए जाने जैसे आरोपों ने आयोजन को पारदर्शिता और वैधानिकता के गंभीर संकट में ला दिया है। मीडिया में प्रकाशित रिपोर्टों में भी आयोजन से जुड़े भ्रष्टाचार और प्रक्रिया उल्लंघन के आरोप लगातार सामने आ रहे हैं, जिससे स्वयंसेवकों, रोवर-रेंजर प्रतिभागियों और अभिभावकों के बीच भ्रम की स्थिति और बढ़ गई।
परिषद ने यह भी दोहराया कि भारत स्काउट्स एंड गाइड्स एक स्वतंत्र, राष्ट्रीय स्तर की स्वायत्त संस्था है, जो अपने संविधान, नियमावली और अधिकृत रूल्स बुक के अनुरूप संचालित होती है, न कि किसी विभागीय आदेश या प्रशासनिक निर्देश के आधार पर। परिषद ने यह स्पष्ट चेतावनी भी जारी की कि स्थगन आदेश के बावजूद यदि आयोजन को आगे बढ़ाया जाता है, तो उसकी समस्त प्रशासनिक, वित्तीय और नैतिक जिम्मेदारी केवल राज्य स्कूल शिक्षा विभाग की होगी। साथ ही, यह भी स्पष्ट किया गया कि सांसद श्री अग्रवाल वर्तमान में छत्तीसगढ़ राज्य परिषद के वैधानिक अध्यक्ष और राज्य अध्यक्ष हैं, और उन्होंने अपने पद से किसी प्रकार का इस्तीफा नहीं दिया है। परिषद ने कहा कि संस्था की स्वायत्तता, सेवा-भाव, अनुशासनात्मक ढांचा और युवा नेतृत्व की गरिमा की रक्षा सर्वोपरि है, और परिषद किसी भी ऐसे आयोजन को वैधानिक रूप से मान्य नहीं मानेगी जो संविधान-सम्मत प्रक्रियाओं के बाहर तय किया गया हो।
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