रायपुर / छत्तीसगढ़
रायपुर नगर पालिक निगम आयुक्त श्री विश्वदीप के निर्देश पर जोन-10 द्वारा बोरियाखुर्द और ग्राम डुंडा में अवैध प्लाटिंग के दो गंभीर प्रकरणों में नगर पालिक निगम अधिनियम 1956 की धारा 292(च) के तहत 1.845 हेक्टेयर क्षेत्र में प्रबंध अधिग्रहण की कार्यवाही हेतु ऐतिहासिक आम सूचना का प्रकाशन दैनिक समाचार पत्रों में किया गया। भूस्वामियों में श्री शंकर साहू, श्री शैलेन्द्र साहू, श्री शिवा साहू (पटवारी हल्का 72, खसरा 369/1, 369/2, 371/1, 368) तथा श्री योगेश वर्मा पिता श्री शिवकुमार वर्मा (पटवारी हल्का 71, खसरा 346/16/18, 346/19, 346/20, 346/21, 345/2, 351/1) शामिल हैं। जोन-10 के जोन कमिश्नर श्री विवेकानंद दुबे, सहायक अभियंता श्री योगेश यदु, उप अभियंता श्री अजय श्रीवास्तव, जोन-10 उड़नदस्ता, नगर निवेश विभाग के सेंट्रल जड़नदस्ता और जोन-3, 4 व 6 की मशीनरी के सहयोग से आरडीए बिल्डिंग के पास लगभग 3 एकड़ भूमि पर बनाई जा रही अवैध प्लाटिंग में डीपीसी मुरूम मार्ग को विच्छेदन कर पूरी तरह ध्वस्त किया गया। निगम अधिकारियों के अनुसार यह अधिनियम आधारित प्रबंध अधिग्रहण की कार्रवाई रायपुर नगर निगम के इतिहास में पहली बार की गई है, जो अवैध प्लाटिंग पर नकेल कसने की दिशा में बड़ा प्रशासनिक कदम माना जा रहा है।
व्यावसायिक दुरुपयोग पर 26 गोडाउन को नोटिस, राजीनामा हेतु प्रेरित
निगम की प्रवर्तन मुहिम को आगे बढ़ाते हुए आयुक्त के निर्देश पर लालपुर फल मंडी के पीछे स्थित 26 गोडाउन में आवासीय भवनों का व्यावसायिक उपयोग किए जाने पर जोन-10 द्वारा नियमानुसार 26 पृथक-पृथक नोटिस जारी किए गए। नोटिस प्रक्रिया पूर्ण होने के उपरांत अवैध व्यावसायिक उपयोग को हटाने, गोडाउन को सीलबंद करने अथवा गोडाउन संचालकों से नियमानुसार राजीनामा कराने हेतु प्रेरित किया जा रहा है। निगम प्रशासन का स्पष्ट रुख है कि भूमि-उपयोग उल्लंघन के मामलों में केवल नोटिस तक सीमित न रहते हुए, वैधानिक विकल्पों का पालन कर समाधान सुनिश्चित किया जाए। नगर निवेश विभाग की उड़नदस्ता समन्वय टीम भी इन प्रकरणों की मॉनिटरिंग कर रही है, ताकि भवन उपयोग परिवर्तन से उत्पन्न राजस्व हानि और नियामकीय उल्लंघन पर ठोस सुधारात्मक परिणाम सामने आए।
रेन वाटर हार्वेस्टिंग, सड़क बाधा व सीएण्डी वेस्ट पर अर्थदंड व दावा-आपत्ति आमंत्रित
जोन-10 क्षेत्र में 31 मार्च 2020 के पूर्व भवन निर्माण अनुज्ञा स्वीकृति के समय भवन स्वामियों द्वारा जमा की गई 47,13,277 रुपये की 217 एफडीआर राशि को रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम स्थापित न करने की स्थिति में राजसात किए जाने हेतु दावा-आपत्ति आमंत्रित की गई है। अधिनियम और अनुमोदित डिज़ाइन-ड्राइंग के अनुरूप निर्माण कार्य संपादन हेतु पंजीकृत एनजीओ, स्व-सहायता समूह, असंगठित कामगार समितियां, इच्छुक फर्म तथा निगम में पंजीकृत जियो-हाइड्रोलॉजिस्ट से दावे प्रस्तुत करने का प्रकाशन भी समाचार पत्रों में किया गया है। इसी क्रम में मैदानी निरीक्षण के दौरान सड़क बाधा, ग्रीन नेट उल्लंघन और सीएण्डी वेस्ट पाए जाने पर चालान जारी कर भवन स्वामियों पर 21,100 रुपये का जुर्माना अधिरोपित किया गया तथा 21,000 रुपये की राशि की वसूली की गई। जोन कमिश्नर द्वारा मार्ग संरचना सुधार से संबंधित वैधानिक प्रस्ताव नगर निवेशक को प्रेषित किया गया है, जिससे भविष्य में अधोसंरचना और उपयोग नियंत्रण की प्रक्रिया अधिक सुव्यवस्थित हो सके।
ख़बरें और भी…
swatantrachhattisgarh.com के व्हाट्सएप ग्रुप को Follow करना न भूलें. https://chat.whatsapp.com/BbNFAy9gDg1E4s1kHkjJrG
swatantrachhattisgarh.com के व्हाट्सएप चैनल को Follow करना न भूलें. https://whatsapp.com/channel/0029VaSGTZ1Lo4hYCjY45G2q


