स्वतंत्र छत्तीसगढ़
रायपुर। पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी की 101वीं जयंती पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रदेश के 115 नगरीय निकायों में नवनिर्मित अटल परिसरों का लोकार्पण किया। राजधानी के फुंडहर चौक पर अटल एक्सप्रेस-वे के किनारे स्थापित अटलजी की भव्य प्रतिमा का अनावरण करते हुए उन्होंने अटल परिसर जनता को समर्पित किया। समारोह से मुख्यमंत्री राज्यभर के 114 अन्य निकायों से वर्चुअल रूप से जुड़े, जहां एक साथ लोकार्पण की गूंज सुनाई दी। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह और तकनीकी शिक्षा मंत्री गुरु खुशवंत साहेब विशेष रूप से मौजूद रहे। आयोजन स्थल पर खेल मैदान में जुटे नागरिकों, खिलाड़ियों और युवाओं के बीच अटलजी की स्मृतियों ने भावनात्मक गरिमा का वातावरण निर्मित किया।
186.98 करोड़ के विकास कार्यों से रायपुर को मिली नई रफ्तार
मुख्यमंत्री ने रायपुर नगर निगम क्षेत्र में 186 करोड़ 98 लाख रुपये की लागत से स्वीकृत 23 विकास कार्यों का भूमिपूजन और लोकार्पण किया। इनमें 185 करोड़ 49 लाख के 17 कार्यों का भूमिपूजन और 1 करोड़ 49 लाख के 6 कार्यों का लोकार्पण शामिल है। इस अवसर पर नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग की कॉफी टेबल बुक “अटल परिसर” का विमोचन भी किया गया, जिसे अटलजी की सोच और छत्तीसगढ़ के शहरी विकास का दस्तावेज़ कहा जा सकता है। मंच से मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के पाँच हितग्राहियों को भवन निर्माण अनुज्ञा-पत्र और पीएम स्वनिधि योजना के तहत पाँच महिला हितग्राहियों को 50-50 हजार रुपये के चेक वितरित किए। हितग्राहियों की आँखों में झलकती खुशी यह बता रही थी कि योजनाएं अब सिर्फ फाइलों तक सीमित नहीं, बल्कि ज़मीनी बदलाव का माध्यम बन रही हैं।
मुख्यमंत्री का भावुक उद्बोधन—अटलजी की स्मृतियाँ रहेंगी अमर
मुख्यमंत्री साय ने अपने संबोधन में कहा, “आज तीन करोड़ छत्तीसगढ़वासी सुशासन दिवस पर अटलजी को कृतज्ञतापूर्वक नमन कर रहे हैं। अटलजी सिर्फ नेता नहीं, वे अजातशत्रु, संवेदनशील कवि, प्रखर वक्ता और देश की विकास यात्रा के पथ-प्रदर्शक थे।” उन्होंने अटल सरकार की प्रमुख योजनाओं को याद करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना से गांव-गांव पक्की सड़कों का जाल बना, छह लाख से अधिक गांव विकास से जुड़े, किसान क्रेडिट कार्ड ने कृषि ऋण को सरल बनाया और आदिम जाति विकास मंत्रालय के गठन से आदिवासी कल्याण को नई दिशा मिली। उन्होंने कहा कि अटल जन्म-शताब्दी वर्ष में हर नगरीय निकाय में अटल परिसर बनाकर उनकी यादों को चिरस्थायी किया जा रहा है, ताकि राज्य-निर्माण की उनकी दूरदृष्टि पीढ़ियों तक प्रेरणा देती रहे।
जनप्रतिनिधियों की आवाज़—राज्य गठन के वादे को अटलजी ने निभाया
विधायक किरण सिंह देव ने कहा कि अटलजी ने छत्तीसगढ़ को अलग राज्य देकर अपना वादा निभाया और सुशासन की परिभाषा देश ने उनके नेतृत्व में अनुभव की। विधायक मोतीलाल साहू ने कहा कि प्राकृतिक संपदा से समृद्ध लेकिन विकास से वंचित इस क्षेत्र की ज़रूरत अटलजी ने समझी और नए राज्य का मार्ग प्रशस्त किया। उन्होंने बताया कि बीते दो वर्षों में रायपुर ग्रामीण क्षेत्र में लगभग 500 करोड़ के विकास कार्य स्वीकृत किए गए हैं। महापौर मीनल चौबे ने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में रायपुर का विकास अंतिम व्यक्ति तक पहुँच रहा है, जबकि महापौर चौबे की बातों ने शहर के प्रति भरोसे और अपनत्व का संदेश दिया। आयोजन के स्वागत भाषण में सचिव डॉ. बसवराजु एस ने अटल परिसरों और स्वीकृत कार्यों का विस्तृत विवरण रखा, जो कार्यक्रम की गंभीर और योजनाबद्ध तैयारी को दर्शाता है।
सामाजिक समरसता और विकास की साझा तस्वीर
समापन समारोह ने यह स्पष्ट कर दिया कि यह आयोजन सिर्फ इमारतों का उद्घाटन नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ के लिए अटलजी की विरासत को सहेजने, शहरों को आधुनिक संसाधन देने और महिलाओं-हितग्राहियों को आर्थिक आत्मनिर्भरता का हौसला देने का अवसर भी था। मैदान में बैठे एक बुज़ुर्ग नागरिक ने भावुक स्वर में कहा, “अटलजी ने जो नींव रखी, उसी पर आज हमारा राज्य आगे बढ़ रहा है। उनकी यादें अब हमारे शहरों के दिल में बस गई हैं।” यह कार्यक्रम विकास, सम्मान, समावेशन और स्मृति का सुंदर संगम बनकर यादगार बन गया।


