जशपुर / छत्तीसगढ़
जशपुर पुलिस ने ऑपरेशन अंकुश के तहत सी बुल्स ग्लोबल कंपनी के तीन बड़े ठगों को झारखंड से गिरफ्तार किया । निवेश पर रकम तीन गुना करने का लालच , ग्रामीणों से कुल 06 करोड़ की ठगी । रकम लेकर कंपनी बंद , डायरेक्टर व साथी हुए थे फरार । थाना पत्थलगांव में धारा 420 120B , 34 IPC के तहत अपराध दर्ज । पुलिस इससे पहले दो आरोपियों को जेल भेज चुकी है ।
ऑपरेशन अंकुश झारखंड से गिरफ्तार हुए तीन बड़े ठग जशपुर पुलिस ने करोड़ों की ठगी कर फरार हुए सी बुल्स ग्लोबल सॉल्यूशन कंपनी के डायरेक्टर और उसके दो साथियों को पुलिस की तकनीकी टीम और मुखबिर की मदद से झारखंड के बोकारो और रांची से गिरफ्तार कर लिया है । गिरफ्तार आरोपियों में — मो. सिराज आलम 38 वर्ष — डायरेक्टर , निवासी हिन्द पीढ़ी , रांची संतोष कुमार साव 34 वर्ष — निवासी सीदपा , जिला चतरा इमरान खान 35 वर्ष — निवासी दौठवा , जिला हजारीबाग पुलिस ने इनके कब्जे से मोबाइल , आधार कार्ड , पैन कार्ड , लैपटॉप और बैंक दस्तावेज बरामद किए हैं ।
कैसे रची गई 06 करोड़ की ठगी ? शुरुआत ऐसे हुई… दिनांक 17.10.2025 को प्रार्थी जागेश्वर लाल यादव उम्र 43 वर्ष ने थाना पत्थलगांव में रिपोर्ट दर्ज कराई कि वे और उनके साथी कृषि आधारित काम करते हैं । वर्ष 2023 में पत्थलगांव के एक होटल में आरोपी संतोष कुमार साव ने उन्हें कृषि प्रोडक्ट कंपनी में निवेश करने का झांसा दिया । कुछ समय तक निवेशकों को हर महीने ब्याज का पैसा मिलता रहा , लेकिन कुछ ही महीनों में ब्याज आना बंद हो गया । जब लोगों ने इसकी शिकायत की , तो उन्हें कंपनी के एमडी मोहम्मद सिराज आलम से मिलवाया गया ।
एमडी सिराज आलम ने उन्हें बताया कि— “हमारी कंपनी ट्रेडिंग करती है , SEBI में रजिस्टर्ड है , और निवेश पर रोज़ 1 परसेंट लाभ मिलता है । 10 महीने में मूलधन तीन गुना हो जाएगा ।” इस झांसे में आकर क्षेत्रभर के लोगों ने करोड़ों रुपए कंपनी में निवेश कर दिए ।
ब्याज के नाम पर धोखा , चेक के नाम पर गारंटी , फिर वेबसाइट बंद निवेशकर्ताओं को भरोसा दिलाने के लिए आरोपियों ने फेडरल बैंक और इंडसइंड बैंक के चेक गारंटी के रूप में दिए । कोरबा , चांपा , अंबिकापुर , घरघोड़ा और बिलासपुर में बड़े मीटिंग कर लाखों–करोड़ों की रकम निवेश कराई गई ।
कुछ प्रमुख निवेश — प्रार्थी जागेश्वर यादव 1/- रुपये करोड़ 80 लाख लक्ष्मण केशवानी 95/- रुपये लाख भूषण पटेल 33/- रुपये लाख, डॉ. पीताम्बर साय 25/- रुपये लाख अन्य दर्जनों ग्रामीण कुल 6/- रुपये करोड़,
बाद में कंपनी के द्वारा— वेबसाइट बंद कर दी गई ठगों ने कॉल रिसीव करना बंद कर दिया निवेशकों के आधार , पैन और हस्ताक्षर लेकर उनके नाम पर नई फर्जी कंपनियां रजिस्टर करा दीं यह साफ हो गया कि यह एक पोंजी स्कीम थी , जिसमें नए निवेशकों के पैसे से पुराने निवेशकों को ब्याज दिया जाता था ।
पुलिस ने ऐसे पकड़े फरार आरोपी जशपुर पुलिस की तकनीकी टीम लगातार आरोपियों की लोकेशन ट्रैक कर रही थी । मुखबिरों से सूचना मिली कि — एमडी सिराज आलम बोकारो में सहयोगी इमरान खान और संतोष कुमार साव रांची में छिपे हुए हैं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने विशेष टीम गठित कर तत्काल झारखंड रवाना किया । टीम ने छापेमारी कर तीनों आरोपियों को हिरासत में लेकर जशपुर लाया ।
आरोपियों ने कबूला अपराध , भेजे गए जेल पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि— निवेश पर 1 % प्रतिदिन ब्याज का लालच देकर ग्रामीणों को फंसाया शुरुआती 5 महीनों तक निवेशकों का ही पैसा , नए निवेशकों को ब्याज के रूप में दिया जब नए निवेशक मिलने बंद हो गए , ब्याज देना बंद कर दिया और सारी रकम हड़पकर फरार हो गए सबूत पर्याप्त मिलने पर पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है ।
पुलिस अधिकारियों की भूमिका गिरफ्तारी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई — निरीक्षक संत लाल आयाम साइबर सेल उप निरीक्षक नसीरुद्दीन अंसारी निरीक्षक विनीत कुमार पांडे पत्थलगांव सहायक उप निरीक्षक लोखेश साहू आरक्षक तुलसी रात्रे
एसएसपी जशपुर का बयान एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कहा— “ग्रामवासियों के 06 करोड़ की ठगी करने वाले तीन मुख्य आरोपी झारखंड से गिरफ्तार किए जा चुके हैं । आगे की कार्रवाई जारी है ।”
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