सम्पूर्ण समाचार रिपोर्ट:स्वतंत्र छत्तीसगढ़
जशपुर, 8 अक्टूबर 2025।
जशपुर पुलिस ने ऑपरेशन आघात के तहत एक बार फिर बड़ी कामयाबी हासिल की है। पुलिस ने एक ट्रक से 426 कार्टूनों में भरी 6,300 बोतल (कुल 3,825 लीटर) अवैध अंग्रेजी शराब बरामद की है। जब्त की गई शराब की अनुमानित कीमत ₹22 लाख से अधिक बताई जा रही है। इस अवैध तस्करी में प्रयुक्त ट्रक क्रमांक RJ-09-GE-0124 को भी पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिया है।
पुलिस ने इस कार्रवाई में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो पंजाब से बिहार की ओर शराब की बड़ी खेप लेकर जा रहे थे। गिरफ्तार आरोपियों के नाम हैं —
- रणवीर सिंह (42 वर्ष), निवासी ग्राम कांग, गोविंदलाल साहिब, तरनताल, पंजाब
- जगदीप सिंह (30 वर्ष), निवासी मानुचर, चौकी चमकी नगर, तरनताल, पंजाब।
कैसे हुआ खुलासा: मुखबिर की सूचना ने खोला बड़ा जाल
दिनांक 7 अक्टूबर 2025 को सिटी कोतवाली जशपुर पुलिस को मुखबिर से पुख्ता सूचना मिली कि एक ट्रक (RJ-09-GE-0124) में भारी मात्रा में अवैध शराब पंजाब/हरियाणा से लोड होकर रांची होते हुए बिहार की ओर जा रही है। सूचना मिलते ही वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देश पर पुलिस टीम ने नेशनल हाईवे-43 के आगडीह क्षेत्र में नाकेबंदी की। चेकिंग के दौरान संदिग्ध ट्रक को रोककर तलाशी ली गई तो ट्रॉली में भूसी की बोरियों के नीचे छिपाकर रखे गए 426 कार्टून अंग्रेजी शराब के मिले। पुलिस ने मौके पर ही ट्रक जब्त करते हुए दोनों आरोपियों को हिरासत में ले लिया।
पूछताछ में सामने आई तस्करी की चेन
पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उन्हें ट्रक रोहतक (हरियाणा) से रांची (झारखंड) तक ले जाने के लिए दिया गया था। उन्हें माल की असली जानकारी नहीं थी और 50,000 रुपये का भुगतान तय हुआ था। रांची पहुंचने के बाद कोई और व्यक्ति ट्रक को लेकर बिहार की ओर जाता — यही इस सिंडिकेट का तय पैटर्न था। जशपुर पुलिस को संदेह है कि इस पूरे नेटवर्क के पीछे एक संगठित अंतर्राज्यीय शराब तस्करी गिरोह सक्रिय है, जो लंबे समय से पंजाब, हरियाणा से बिहार तक शराब की आपूर्ति कर रहा है।
इस वर्ष चौथी बड़ी कार्रवाई
गौरतलब है कि ऑपरेशन आघात के तहत जशपुर पुलिस अब तक चार ट्रकों से कुल 2,734 कार्टूनों में लगभग 24,440 लीटर अंग्रेजी शराब जब्त कर चुकी है, जिसकी बाजार कीमत दो करोड़ रुपये से अधिक आंकी गई है। सभी मामलों में एक समान पैटर्न देखने को मिला — ड्राइवरों को मोटी रकम का लालच देकर ट्रक एक निश्चित स्थान तक ले जाने को कहा जाता था, जबकि असली तस्कर बीच रास्ते से ट्रक को अपने नियंत्रण में ले लेते थे। इससे ड्राइवरों को यह जानकारी नहीं होती थी कि शराब कहाँ से लोड की गई और कहाँ उतारी जानी है।
पुलिस की सक्रियता से नाकाम हुआ नेटवर्क
इस बार भी शराब से भरी ट्रक रोहतक (हरियाणा) से निकलकर ग्वालियर (मध्यप्रदेश), अंबिकापुर, जशपुर होते हुए रांची (झारखंड) की ओर जा रही थी। लेकिन जशपुर पुलिस की सतर्कता और मजबूत मुखबिर नेटवर्क के चलते ट्रक को आगडीह के पास ही रोक लिया गया। पुलिस ने ट्रक, शराब की खेप, आरोपियों के मोबाइल फोन और अन्य दस्तावेजों को भी जब्त किया है। ट्रक की अनुमानित कीमत करीब ₹12 लाख है।
आगे की कार्रवाई
आरोपियों के खिलाफ थाना सिटी कोतवाली जशपुर में धारा 34(1) और 34(2) आबकारी अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया है। इस कार्रवाई में थाना प्रभारी सिटी कोतवाली जशपुर आशीष कुमार तिवारी, सहायक उप निरीक्षक मनोज भगत, प्रधान आरक्षक भोला सिंह राठौर, आरक्षक उपेन्द्र सिंह, राम प्रताप यादव, प्रवीण तिर्की, अभय तिर्की, रवि राम तथा नगर सैनिक थानेश्वर देशमुख की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक का बयान
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने बताया —“ऑपरेशन आघात के तहत जशपुर पुलिस लगातार नशे के कारोबारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर रही है। हाल ही में पकड़ गए ट्रक के मामले में भी एक बड़े सिंडिकेट की संलिप्तता सामने आई है। इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश जारी है, जल्द ही पूरे गिरोह का खुलासा किया जाएगा।”


