स्वतंत्र छत्तीसगढ़
रायपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाला मामले में आरोपी चैतन्य बघेल को रायपुर की विशेष अदालत ने 13 अक्टूबर तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। आर्थिक अपराध शाखा (EOW) की 13 दिन की रिमांड खत्म होने के बाद सोमवार को उन्हें अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेजने के आदेश दिए गए।
चैतन्य बघेल, जो पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के पुत्र हैं, को 18 जुलाई को उनके जन्मदिन के दिन प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने भिलाई स्थित आवास से हिरासत में लिया था। जांच एजेंसियों के अनुसार, चैतन्य पर आरोप है कि उन्होंने शराब कारोबार से जुड़ी अवैध कमाई के 16.70 करोड़ रुपये रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स में निवेश किए। यह पूरा मामला वर्ष 2019 से 2022 के बीच आबकारी विभाग में हुई कथित वित्तीय गड़बड़ियों से संबंधित है, जिससे राज्य को करीब 2,000 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान होने का अनुमान है।
चैतन्य के वकील फैजल रिजवी ने अदालत में दलील दी कि उनके मुवक्किल के खिलाफ की जा रही कार्रवाई पूरी तरह राजनीतिक प्रतिशोध से प्रेरित है। उन्होंने कोर्ट में जमानत याचिका दाखिल की है, जिस पर 8 अक्टूबर को सुनवाई निर्धारित की गई है।
सुनवाई के दौरान अदालत में कस्टम मिलिंग घोटाले से जुड़े एक अन्य आरोपी दीपेन चावड़ा को भी पेश किया गया। उल्लेखनीय है कि इस शराब घोटाले में अब तक 45 से अधिक लोगों को आरोपी बनाया जा चुका है, और जांच एजेंसियां लगातार वित्तीय लेन-देन और निवेश से संबंधित दस्तावेजों की पड़ताल कर रही हैं।
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