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Sunday, March 22, 2026

जलवायु परिवर्तन 21वीं सदी की सबसे बड़ी चुनौती, समाधान के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी: राज्यपाल श्री रमेन डेका…

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रायपुर/जी.भूषण : 23 अगस्त 2025,

राज्यपाल श्री रमेन डेका ने कहा कि जलवायु परिवर्तन 21वीं सदी की सबसे बड़ी चुनौती है और इसके समाधान के लिए सामूहिक प्रयास अनिवार्य है। जब हम प्रकृति की रक्षा करेंगे तभी प्रकृति हमारी रक्षा करेगी। वे शनिवार को पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय में दक्षिण एशियाई जलवायु परिवर्तन जर्नलिस्ट फोरम और विश्वविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित संगोष्ठी को संबोधित कर रहे थे।

राज्यपाल ने कहा कि धरती का तापमान असामान्य रूप से बढ़ रहा है, जिसके कारण मौसम चक्र असंतुलित हो गया है। ध्रुवीय क्षेत्रों की बर्फ तेजी से पिघल रही है, समुद्र का जलस्तर बढ़ रहा है और अनियमित वर्षा, सूखा एवं विनाशकारी तूफानों की घटनाएं बढ़ रही हैं। इसका मुख्य कारण मानवजनित गतिविधियां, ग्रीनहाउस गैसों का उत्सर्जन, वनों की अंधाधुंध कटाई और जीवाश्म ईंधनों का अत्यधिक उपयोग है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ भी इससे अछूता नहीं है। राज्य में तापमान में वृद्धि, अनियमित वर्षा, लू की तीव्रता और बाढ़ की घटनाएं बढ़ रही हैं। कोयला आधारित उद्योग, वनों की कटाई और रासायनिक उर्वरकों का अत्यधिक उपयोग ग्रीनहाउस गैसों के उत्सर्जन को बढ़ा रहा है, जिससे कृषि, जल स्रोतों और आजीविका पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।

श्री डेका ने कहा कि हमें नवीकरणीय ऊर्जा के उपयोग, प्रदूषण नियंत्रण और वन संरक्षण की दिशा में ठोस कदम उठाने होंगे। छत्तीसगढ़ का 45 प्रतिशत क्षेत्र वनाच्छादित है। इस सुंदर प्रदेश को हरा-भरा बनाए रखने के लिए सभी को मिलकर कार्य करना होगा। उन्होंने सुझाव दिया कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के एक पेड़ मां के नाम अभियान को अपनाते हुए हर व्यक्ति पेड़ लगाए, ऊर्जा का विवेकपूर्ण उपयोग करे, प्लास्टिक मुक्त अभियान को बढ़ावा दिया जाए तथा सौर और पवन ऊर्जा का अधिकतम उपयोग किया जाए। राज्यपाल ने विद्यार्थियों और युवाओं की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि ग्रीन क्लब बनाकर जल संरक्षण, कचरा प्रबंधन और टिकाऊ जीवनशैली अपनाना समय की मांग है। डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से पर्यावरण शिक्षा का प्रचार-प्रसार करना युवाओं की जिम्मेदारी है।

इस अवसर पर कुलपति प्रोफेसर सच्चिदानंद शुक्ल ने विश्वविद्यालय द्वारा पर्यावरण संरक्षण की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी। फोरम के समन्वयक श्री कल्लोल के. घोष और सलाहकार श्री सौम्य बंदोपाध्याय ने भी अपने विचार साझा किए। कार्यक्रम में राज्यपाल ने प्रोफेसर एम.एल. नायक को विज्ञान एवं समाज के विकास में योगदान के लिए सम्मानित किया। विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को भी राज्यपाल के हाथों सम्मान मिला। संगोष्ठी में विधायक श्री पुरंदर मिश्रा, फोरम के अध्यक्ष श्री आशीष गुप्ता, विश्वविद्यालय कार्यपरिषद के सदस्य, शिक्षकगण और विभिन्न महाविद्यालयों एवं स्कूलों के छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

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