रायपुर: 06 अगस्त 2025.
वरिष्ठ फोटो जर्नलिस्ट, रायपुर प्रेस क्लब के पूर्व महासचिव और मानद सदस्य श्री विनय शर्मा की स्मृति में बुधवार को रायपुर प्रेस क्लब में एक भावभीनी शोकसभा आयोजित की गई। बड़ी संख्या में पत्रकार साथियों, वरिष्ठ संपादकों और उनके परिवारजनों की उपस्थिति में सभी ने नम आंखों से उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। शोकसभा की शुरुआत विनय शर्मा जी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर की गई, इसके पश्चात दो मिनट का मौन रखकर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई। प्रेस क्लब अध्यक्ष श्री प्रफुल्ल ठाकुर ने उन्हें याद करते हुए ‘नई दुनिया’ में साथ काम करने के संस्मरण साझा किए। उन्होंने कहा, “विनय जी एक उत्कृष्ट फोटो जर्नलिस्ट ही नहीं, बल्कि अत्यंत संवेदनशील, शांत और आत्मीय व्यक्तित्व के धनी थे। उन्होंने जीवनभर पत्रकारिता में मर्यादा और गरिमा बनाए रखी।” उन्होंने यह भी घोषणा की कि इस वर्ष होने वाली प्रेस क्लब की वार्षिक फोटो प्रदर्शनी एवं प्रतियोगिता विनय शर्मा जी को समर्पित की जाएगी, जिसमें उनकी यादगार तस्वीरों की विशेष गैलरी लगाई जाएगी।

पूर्व अध्यक्ष श्री बृजेश चौबे ने विनय शर्मा जी को अत्यंत विनम्र स्वभाव वाला पत्रकार बताते हुए उनके साथ बिताए अनेक यादगार क्षणों को साझा किया। वरिष्ठ पत्रकार एवं साहित्यकार श्री गिरीश पंकज ने उनके पारिवारिक जीवन और साहित्यिक संवेदनाओं की चर्चा करते हुए बताया कि वे अपनी जीवनसंगिनी को भी लेखन के क्षेत्र में आगे बढ़ाने के लिए सदैव प्रेरित करते थे। पूर्व अध्यक्ष श्री रामअवतार तिवारी ने कहा, “विनय शर्मा पत्रकारिता की गहराई और समाज की संवेदना को समझने वाले व्यक्ति थे। उनका योगदान चिरस्मरणीय रहेगा।” वरिष्ठ पत्रकार श्री बाबूलाल शर्मा ने उन्हें सहज, सौम्य और प्रेरणास्पद बताते हुए कहा कि “उनसे बात करना ऐसा लगता था जैसे किसी छोटे भाई से आत्मीय संवाद हो रहा हो।” प्रेस क्लब के पूर्व महासचिव श्री प्रकाश शर्मा ने विनय जी को “फोटो पत्रकारिता का महाग्रंथ” बताते हुए कहा कि उन्होंने फोटो से कहानी कहने की कला को जीवंत किया। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि विनय जी ने ही उन्हें सिखाया कि एक फोटोग्राफर और फोटो जर्नलिस्ट में क्या अंतर होता है।
वरिष्ठ फोटो जर्नलिस्ट और विनय शर्मा जी के अभिन्न मित्र श्री गोकुल सोनी ने 80 के दशक की यादें साझा करते हुए बताया कि विनय जी मूलतः एयर विंग में थे और पायलट बनना चाहते थे, लेकिन सुनील कुमार जी के मार्गदर्शन में फोटो पत्रकारिता की ओर मुड़े। उन्होंने रायपुर और आसपास के क्षेत्रों में मोटरसाइकिल से खबरों की तलाश में उनके साथ बिताए दिनों को याद करते हुए कहा, “उनकी जिजीविषा और समर्पण ने हमें पत्रकारिता का असली अर्थ सिखाया।”
वरिष्ठ साहित्यकार श्री समीर दीवान ने विनय जी को “प्रेरणा का स्रोत” बताते हुए कहा कि ऐसे व्यक्तित्व समाज को दिशा देते हैं। पत्रकार श्री निकाश परमार ने यह जानकारी दी कि विनय जी अपनी तस्वीरों और अनुभवों को एक पुस्तक के रूप में प्रकाशित करना चाहते थे और इस पर उन्होंने कार्य भी शुरू कर दिया था। उन्होंने सुझाव दिया कि प्रेस क्लब को यह अधूरा कार्य पूरा कर उनके सपने को साकार करना चाहिए।
उन्होंने मैनपुर की बाघिन, नंदनवन के तेंदुए और बच्चों की काली मिट्टी में खेलती हुई यादगार तस्वीरों का विशेष उल्लेख करते हुए कहा कि ये फोटो आज भी समाज और पत्रकारिता की संवेदनशीलता को दर्शाती हैं। साथ ही राज्य सरकार से उनके नाम पर सम्मान स्थापित करने की मांग भी की। इस अवसर पर वरिष्ठ पत्रकार पीसी रथ, अनिरुद्ध दुबे, दीपक पांडेय समेत अनेक पत्रकारों ने अपने अनुभव साझा कर विनय शर्मा जी को श्रद्धांजलि अर्पित की।
विनय शर्मा जी के सुपुत्र श्री अमित शर्मा भी शोकसभा में उपस्थित थे। भावुक अमित जी ने कहा, “प्रेस क्लब उनके लिए दूसरा घर था। यहां का नाम सुनते ही उनके चेहरे पर मुस्कान आ जाती थी। आज इस सभा से यह महसूस हुआ कि वे सिर्फ मेरे पिता नहीं, बल्कि अनेक लोगों के मार्गदर्शक और प्रेरणास्त्रोत थे।” उन्होंने प्रेस क्लब और सभी पत्रकार साथियों का आभार जताया।
सभा का संचालन प्रेस क्लब के महासचिव डॉ. वैभव पांडेय ने किया और अंत में सभी ने दो मिनट का मौन रखकर विनय शर्मा जी को अंतिम श्रद्धांजलि दी।
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