✍️ नई दिल्ली | स्वतंत्र छत्तीसगढ़
रेलवे ने आरक्षण व्यवस्था में एक अहम बदलाव करते हुए प्रतीक्षा सूची (वेटिंग लिस्ट) की अधिकतम सीमा को श्रेणीवार तय कर दिया है। अब ट्रेन यात्रियों को लंबे वेटिंग टिकट से जूझना नहीं पड़ेगा। यह नई व्यवस्था यात्रियों की सुविधा और पारदर्शिता बढ़ाने की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है।
🚆 मेल-एक्सप्रेस ट्रेनों में क्या बदला?
नई व्यवस्था के तहत मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों में एसी एग्जीक्यूटिव और प्रथम श्रेणी (AC First Class) के लिए उपलब्ध सीटों से अधिकतम दोगुने वेटिंग टिकट ही जारी किए जाएंगे।
- यदि किसी ट्रेन की AC प्रथम श्रेणी में 100 सीटें हैं, तो अधिकतम 100 वेटिंग टिकट ही जारी होंगे।
🛤️ एसी सेकंड, थर्ड और चेयरकार
मेल-एक्सप्रेस की इन श्रेणियों में वेटिंग टिकटों की सीमा को उपलब्ध सीटों के 60% तक तय किया गया है।
- उदाहरण: यदि किसी कोच में 100 सीट हैं, तो केवल 60 वेटिंग टिकट ही जारी होंगे।
🚄 राजधानी और शताब्दी ट्रेनों के लिए नियम
- इन प्रीमियम ट्रेनों में एग्जीक्यूटिव और प्रथम श्रेणी के लिए 60% वेटिंग टिकट,
- जबकि एसी सेकंड, थर्ड और चेयरकार के लिए 40% वेटिंग टिकट ही जारी किए जाएंगे।
🛏️ स्लीपर और चेयरकार
मेल-एक्सप्रेस ट्रेनों में स्लीपर (शयनयान) और चेयरकार श्रेणियों में भी अधिकतम 40% वेटिंग टिकट ही दिए जाएंगे।
📅 17 अप्रैल को आया था रेलवे बोर्ड का निर्देश
रेलवे बोर्ड ने 17 अप्रैल को सभी ज़ोनल रेलवे और सीआरआईएस (रेलवे सूचना प्रणाली केंद्र) को निर्देश दिया था कि वेटिंग टिकटों की संख्या 25% तक सीमित की जाए। इसके बाद यात्री हित को ध्यान में रखते हुए श्रेणीवार नई सीमा तय की गई।
🚫 लंबी वेटिंग लिस्ट अब इतिहास
रेलवे की इस नई नीति से अब वेटिंग लिस्ट 250-300 तक नहीं पहुंचेगी। इसका लाभ यह होगा कि टिकट की “जुगाड़” व्यवस्था और अनावश्यक भीड़ पर रोक लगेगी। इसके अलावा खिड़की से वेटिंग टिकट लेने वाले यात्रियों की भीड़ में भी कमी आएगी।
🧾 किन पर लागू नहीं होगा नया नियम?
यह नया नियम रियायती टिकटों और सरकारी यात्रा वारंट पर लागू नहीं होगा।
- दिव्यांग यात्री,
- मेडिकल कोटा,
- रक्षा सेवाओं के कर्मचारी,
- सरकारी यात्रा वारंट पर यात्रा करने वाले यात्रियों को पहले की तरह प्राथमिकता मिलती रहेगी।
✨ यात्री अनुभव में सुधार की उम्मीद
इस नई व्यवस्था से एक ओर जहां आरक्षण प्रणाली अधिक पारदर्शी होगी, वहीं दूसरी ओर बिचौलियों और दलालों के खेल पर भी अंकुश लगेगा। यात्रियों को पहले से ही स्पष्ट जानकारी मिल जाएगी कि टिकट मिलेगा या नहीं – इससे अनावश्यक भ्रम और असुविधा में कमी आएगी।
👉 क्या होगा :
रेलवे की नई वेटिंग टिकट सीमा नीति आम यात्रियों के हित में एक बड़ा कदम है। इससे ना सिर्फ आरक्षण में पारदर्शिता आएगी, बल्कि टिकट की उपलब्धता को लेकर यात्रियों को पहले से योजना बनाने में भी सुविधा होगी।
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