धर्मजयगढ़: 30 मार्च 2025 (टीम)
वन्य जीवों का रेस्क्यू करना किसी चुनौती से कम नहीं होता। ऐसा ही एक भावुक कर देने वाला मामला धर्मजयगढ़ वन मंडल के जमबिरा बिट, रेंज बकरूमा में सामने आया, जहां एक हाथी का शावक पत्थरों के बीच फंस गया। 28 मार्च की दरमियानी रात लगभग 2 से 3 बजे के बीच जंगल से हाथी के चिंघाड़ने की आवाज सुनकर वन कर्मी सतर्क हो गए। जब टीम ने मौके पर जाकर देखा, तो पाया कि एक नन्हा हाथी गड्ढे में फंसा हुआ है। तत्काल इसकी सूचना वन मंडल अधिकारी को दी गई, जिन्होंने तुरंत एक विशेष रेस्क्यू टीम को रवाना किया।
रेस्क्यू ऑपरेशन लगभग 9 घंटे तक चला, जिसके बाद आखिरकार शावक को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। हालांकि, असली चुनौती अब उसे उसकी मां से मिलाने की थी, क्योंकि यह अनिश्चित था कि हाथी का झुंड उसे अपनाएगा या नहीं।
वन विभाग की टीम ने हाथियों के झुंड का लोकेशन ट्रेस किया और सावधानीपूर्वक शावक को उसके परिवार से मिलाने की प्रक्रिया शुरू की। टीम की मेहनत रंग लाई और दोपहर लगभग 12 बजे हाथी का बच्चा अपनी मां से मिल गया। जैसे ही मां ने अपने बच्चे को पहचाना, वह उसे लेकर जंगल की ओर चली गई। वन विभाग के इस साहसिक एवं सफल रेस्क्यू ऑपरेशन की क्षेत्र में सराहना की जा रही है।
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