रायपुर: 24 मार्च 2025 (स्वतंत्र छत्तीसगढ़)
भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु जी ने छत्तीसगढ़ की महिमा का गुणगान करते हुए इसे ‘पुण्य भूमि’ बताया और राज्य के प्रति अपना विशेष लगाव व्यक्त किया। उनके इस वक्तव्य से प्रदेशवासियों में उत्साह और गर्व की लहर दौड़ गई है।
राष्ट्रपति मुर्मु ने छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक एवं ऐतिहासिक धरोहर की सराहना करते हुए कहा कि यह भूमि न केवल आध्यात्मिक रूप से समृद्ध है, बल्कि देश के विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान देती है। उन्होंने कहा, “छत्तीसगढ़ पुण्य भूमि है, जिससे मुझे विशेष लगाव है।”
राष्ट्रपति के इस बयान से प्रदेश के नागरिकों, बुद्धिजीवियों और जनप्रतिनिधियों ने खुशी जाहिर की है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं और सामाजिक समरसता की पहचान को और मजबूती देता है।
छत्तीसगढ़ अपनी प्राकृतिक सुंदरता, पुरातात्विक धरोहर और जनजातीय संस्कृति के लिए प्रसिद्ध है। यहां स्थित धार्मिक स्थल, जैसे कि दंतेश्वरी मंदिर, महामाया मंदिर, राजीव लोचन मंदिर, और सिरपुर के ऐतिहासिक अवशेष, इसे एक आध्यात्मिक केंद्र के रूप में स्थापित करते हैं।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के इस बयान से प्रदेशवासियों में गर्व की अनुभूति हुई है और यह छत्तीसगढ़ की गरिमा को और अधिक ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए प्रेरित करेगा।
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