बीजापुर, छत्तीसगढ़
मुख्य बिंदु:
• गंगालूर थाना क्षेत्र के डोडीतुमनार की पहाड़ियों में मिला भूमिगत बंकर
• पुलिस और BDDS टीम ने संयुक्त सर्चिंग अभियान में की कार्रवाई
• भारी मात्रा में विस्फोटक, हथियार और तकनीकी उपकरण बरामद
• माओवादियों द्वारा हथियार निर्माण और मरम्मत में इस्तेमाल की आशंका
• आंध्र प्रदेश में 5 लाख की इनामी महिला नक्सली ने किया आत्मसमर्पण
बीजापुर। छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित बीजापुर जिले में सुरक्षाबलों ने माओवादियों के खिलाफ बड़ी सफलता हासिल की है। थाना गंगालूर क्षेत्र अंतर्गत ग्राम डोडीतुमनार (पटेलपारा) की पहाड़ियों में चलाए गए सर्चिंग अभियान के दौरान पुलिस ने जमीन के नीचे छिपाकर बनाए गए एक गुप्त बंकर को ध्वस्त किया। कार्रवाई के दौरान सुरक्षाबलों ने वहां से भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री, हथियार और तकनीकी उपकरण बरामद किए हैं।
गुप्त सूचना के आधार पर चला अभियान
पुलिस को सूचना मिली थी कि डोडीतुमनार के जंगल और पहाड़ी क्षेत्र में माओवादी बड़ी मात्रा में हथियार और विस्फोटक सामग्री छिपाकर रखे हुए हैं। सूचना के आधार पर पुलिस सहायता केंद्र पीडिया और थाना गंगालूर की संयुक्त टीम ने इलाके में सघन सर्चिंग अभियान शुरू किया। तलाशी अभियान के दौरान सुरक्षाबलों को जमीन के भीतर छिपाकर बनाया गया एक गुप्त बंकर मिला। इसके बाद बम निरोधक दस्ते (BDDS) ने सुरक्षा जांच और डिमाइनिंग प्रक्रिया पूरी की। जांच के बाद जब बंकर खोला गया, तो वहां बड़ी मात्रा में हथियार, मशीनें और तकनीकी उपकरण बरामद हुए।
हथियार निर्माण में इस्तेमाल की आशंका
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, बरामद मशीनों और उपकरणों को देखकर आशंका जताई जा रही है कि माओवादी इनका उपयोग हथियार बनाने और उनकी मरम्मत के लिए कर रहे थे। सुरक्षा एजेंसियां अब इस बात की जांच कर रही हैं कि बंकर का इस्तेमाल कितने समय से किया जा रहा था और इसमें किन-किन गतिविधियों को अंजाम दिया जाता था| बरामद सभी सामग्रियों को जब्त कर लिया गया है और मामले में वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। क्षेत्र में सुरक्षाबलों की सतर्कता बढ़ा दी गई है तथा आसपास के जंगलों में सर्चिंग ऑपरेशन लगातार जारी है।
महिला नक्सली ने किया सरेंडर
इधर, आंध्र प्रदेश के अल्लूरी सीताराम राजू जिले में 5 लाख रुपये की इनामी महिला माओवादी ने आत्मसमर्पण कर दिया है। सरेंडर करने वाली महिला नक्सली की पहचान पोडियम लक्ष्मी के रूप में हुई है, जो बीजापुर जिले के उसूर थाना क्षेत्र की रहने वाली बताई जा रही है।
जानकारी के मुताबिक, लक्ष्मी DKSZC की सक्रिय सदस्य थी और लंबे समय से छत्तीसगढ़-आंध्र प्रदेश बॉर्डर क्षेत्र में माओवादी गतिविधियों में शामिल रही है। सुरक्षा एजेंसियां उसके आत्मसमर्पण को नक्सल विरोधी अभियान की बड़ी उपलब्धि मान रही हैं।
क्षेत्र में बढ़ाई गई सुरक्षा
बीजापुर और आसपास के नक्सल प्रभावित इलाकों में लगातार सुरक्षा अभियान तेज किए जा रहे हैं। सुरक्षाबलों का कहना है कि माओवादियों के नेटवर्क को कमजोर करने और ग्रामीण क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए अभियान आगे भी जारी रहेगा।
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