स्वतंत्र छत्तीसगढ़
🔶 हाइलाइट्स:
• मुख्यमंत्री ने कमराखोल में चौपाल लगाकर सुनीं ग्रामीणों की समस्याएं
• बिजली बिल बकाया पर छूट देने वाली योजना का भरोसा
• 13 हजार से अधिक उपभोक्ताओं को मिल चुका लाभ
• गांव-गांव में विशेष शिविर लगाने के निर्देश
• सुशासन तिहार बना भरोसे का माध्यम
रायपुर, 5 मई 2026। विष्णु देव साय का सुदूर वनांचल ग्राम कमराखोल दौरा आमजन के लिए राहत और विश्वास का संदेश लेकर आया। “सुशासन तिहार 2026” के तहत आम पेड़ के नीचे आयोजित चौपाल में मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों से सीधा संवाद किया और उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुना। इस दौरान उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार की प्राथमिकता है कि हर नागरिक की समस्या का समाधान उसके द्वार पर ही हो, जिससे शासन और जनता के बीच भरोसा और मजबूत हो सके।
बिजली बिल समस्या पर सरकार का भरोसेमंद समाधान
चौपाल के दौरान एक ग्रामीण द्वारा बढ़ते बिजली बिल और बकाया राशि की चिंता जताने पर मुख्यमंत्री ने आश्वस्त करते हुए कहा कि घबराने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार द्वारा लागू “बिजली बिल भुगतान समाधान योजना” के तहत पुराने बकाया बिलों में व्यापक छूट दी जा रही है। इस योजना का लाभ घरेलू उपभोक्ताओं, कृषि पंप धारकों और विशेष रूप से बीपीएल परिवारों को मिल रहा है, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग को बड़ी राहत मिल रही है।
मौके पर ही निर्देश, प्रशासन को सक्रिय किया
मुख्यमंत्री की कार्यशैली का एक अहम पहलू यह भी रहा कि उन्होंने केवल आश्वासन नहीं दिया, बल्कि मौके पर ही प्रशासन को निर्देशित किया। उन्होंने कलेक्टर गोपाल वर्मा को ग्राम पंचायत स्तर पर विशेष शिविर आयोजित करने के निर्देश दिए, ताकि ग्रामीणों को दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें। कलेक्टर ने जानकारी दी कि जिले में अब तक 13 हजार से अधिक उपभोक्ता इस योजना का लाभ ले चुके हैं और उन्हें 11.75 करोड़ रुपये से अधिक की छूट प्रदान की जा चुकी है।
सुशासन तिहार से मजबूत हुआ जनविश्वास
कमराखोल की इस चौपाल ने यह स्पष्ट किया कि जब शासन सीधे जनता से जुड़ता है, तो समस्याओं का समाधान अधिक प्रभावी और तेज़ी से संभव होता है। “सुशासन तिहार 2026” केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि सरकार की जवाबदेही और संवेदनशीलता का प्रतीक बनकर उभरा है, जिसने ग्रामीणों में विश्वास की नई ऊर्जा भर दी है।
अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं की पहुंच का संकल्प
मुख्यमंत्री ने दोहराया कि सरकार का उद्देश्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि उन्हें अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। उन्होंने भरोसा जताया कि ऐसी पहलें प्रदेश में सुशासन की नई मिसाल कायम करेंगी और आमजन को सीधा लाभ पहुंचाती रहेंगी।
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