स्वतंत्र छत्तीसगढ़
हाइलाइट्स:
• बस्तर में नवाचार और स्टार्टअप को बढ़ावा देने पर जोर
• “नियद नेल्ला नार 2.0” 10 जिलों में होगा लागू
• युवाओं को आइडिया से बिजनेस तक हर स्तर पर सहायता
• पर्यटन, हस्तशिल्प और वनोपज में नए अवसरों की पहचान
• विजेता प्रतिभागियों को प्रोत्साहन राशि और सम्मान
रायपुर, 5 मई 2026। विष्णु देव साय ने जगदलपुर स्थित शहीद महेंद्र कर्मा विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित “इनोवेशन महाकुंभ 1.0” के समापन समारोह में युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि बस्तर में प्रतिभा और संभावनाओं की कोई कमी नहीं है, आवश्यकता केवल उचित मार्गदर्शन और अवसर की है। उन्होंने इस आयोजन को युवाओं के लिए नवाचार और उद्यमिता की दिशा में एक प्रभावी मंच बताया, जिससे स्थानीय प्रतिभाओं को पहचान और प्रोत्साहन मिल रहा है।
विकास का रोडमैप और नई योजनाएं
मुख्यमंत्री ने बस्तर के समग्र विकास के लिए तैयार किए गए रोडमैप का जिक्र करते हुए कहा कि इसमें रोजगार, शिक्षा, स्टार्टअप और आधारभूत संरचना को प्राथमिकता दी गई है। उन्होंने “नियद नेल्ला नार योजना” के विस्तार की घोषणा करते हुए बताया कि इसे “नियद नेल्ला नार 2.0” के रूप में 10 जिलों में लागू किया जाएगा। साथ ही राज्य सरकार द्वारा लागू “नवाचार एवं स्टार्टअप प्रोत्साहन नीति 2025-30” के तहत युवाओं को विचार से लेकर व्यवसाय विस्तार तक हर स्तर पर सहायता प्रदान की जा रही है।

विकसित बस्तर से विकसित भारत की ओर
मुख्यमंत्री ने कहा कि “विकसित भारत 2047” के लक्ष्य को हासिल करने में युवाओं की भूमिका अहम है और विकसित छत्तीसगढ़ का रास्ता विकसित बस्तर से होकर गुजरता है। उन्होंने बस्तर में आदिवासी कला, लघु वनोपज, जैविक कृषि, पर्यटन और हस्तशिल्प जैसे क्षेत्रों में अपार संभावनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि इन्हें तकनीक, ब्रांडिंग और ई-कॉमर्स से जोड़कर वैश्विक स्तर तक पहुंचाया जा सकता है। पर्यटन के बढ़ने से स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।
जनप्रतिनिधियों ने भी किया युवाओं का आह्वान
इस अवसर पर वन मंत्री केदार कश्यप, उच्च शिक्षा मंत्री टंकराम वर्मा, सांसद महेश कश्यप और विधायक किरण देव ने भी युवाओं को उद्यमिता और स्वरोजगार अपनाने के लिए प्रेरित किया। वक्ताओं ने कहा कि युवा यदि नौकरी खोजने के बजाय नौकरी देने वाले बनें, तो क्षेत्र की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिलेगा।
नवाचार प्रतिभाओं का हुआ सम्मान
कार्यक्रम के दौरान नवाचार के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को प्रोत्साहन राशि, प्रमाण पत्र और स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। विश्वविद्यालय के कुलपति मनोज श्रीवास्तव ने आयोजन के उद्देश्यों और संस्थान की नवाचार गतिविधियों पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर कई जनप्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे, जिन्होंने बस्तर के उज्जवल भविष्य के प्रति विश्वास व्यक्त किया।
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