रायपुर / छत्तीसगढ़
हाइलाइट्स:
- वन क्षेत्रों में सड़क, पुल-पुलिया और भवन निर्माण को प्राथमिकता
- नक्सल प्रभावित व मुक्त क्षेत्रों में तेज होगा इंफ्रास्ट्रक्चर विकास
- 2026-27 के लिए 713.73 करोड़ की कार्ययोजना केंद्र को भेजी गई
- मानसून से पहले कार्य पूर्ण करने के निर्देश
रायपुर, 05 मई 2026। मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित कैम्पा (प्रतिकात्मक वनरोपण निधि प्रबंधन एवं योजना प्राधिकरण) की नवमीं समीक्षा बैठक में मुख्य सचिव श्री विकासशील ने वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग को स्पष्ट निर्देश दिए कि वन क्षेत्रों में बुनियादी अधोसंरचना को प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने कहा कि पुल-पुलिया, सड़क और आवश्यक भवनों का निर्माण तेजी से किया जाए, खासकर उन क्षेत्रों में जो हाल ही में नक्सल प्रभाव से मुक्त हुए हैं, ताकि शासन की पहुंच मजबूत हो और विकास की गति तेज हो सके।
आगामी कार्ययोजना को मिली स्वीकृति की दिशा
बैठक में वर्ष 2024-25 और 2025-26 की प्रगति की समीक्षा के साथ वर्ष 2026-27 की विस्तृत कार्ययोजना पर भी चर्चा की गई। अधिकारियों ने जानकारी दी कि 713 करोड़ 73 लाख रुपये की वार्षिक योजना तैयार कर भारत सरकार के पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय को अंतिम स्वीकृति के लिए भेज दी गई है। यह योजना राज्य में वन संरक्षण और विकास कार्यों को नई दिशा दे सकती है।
कैम्पा के तहत बहुआयामी कार्यों पर जोर
अधिकारियों ने बताया कि कैम्पा निधि का उपयोग व्यापक स्तर पर किया जा रहा है, जिसमें सिंचित और असिंचित वृक्षारोपण, बांस वनों की पुनर्स्थापना, वनों के घनत्व में वृद्धि के लिए सिल्वीकल्चरल गतिविधियां शामिल हैं। इसके अलावा वन्यजीवों के प्राकृतिक आवास में सुधार और भू-जल संरक्षण के लिए भी कई प्रभावी परियोजनाएं संचालित की जा रही हैं, जिससे पर्यावरण संतुलन को मजबूत आधार मिल रहा है।
मानसून से पहले कार्य पूर्ण करने की सख्त हिदायत
मुख्य सचिव ने विशेष रूप से आगामी मानसून को ध्यान में रखते हुए सभी आवश्यक कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वनीकरण, मृदा संरक्षण और जल संरक्षण से जुड़े कार्य बारिश शुरू होने से पहले पूर्ण कर लिए जाएं, ताकि उनका अधिकतम लाभ मिल सके।
वरिष्ठ अधिकारियों की रही उपस्थिति
बैठक में वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग की अपर मुख्य सचिव श्रीमती ऋचा शर्मा, पीसीसीएफ श्री व्ही. श्रीनिवास राव, श्री अरुण पांडे, प्रमुख सचिव (कृषि) श्रीमती शहला निगार, वित्त सचिव श्री मुकेश बंसल सहित कई विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। सभी ने राज्य में वन प्रबंधन को और प्रभावी बनाने के लिए समन्वित प्रयासों पर जोर दिया।
ख़बरें और भी…


