जशपुर,स्वतंत्र छत्तीसगढ़:
हाईलाइट बॉक्स:
- मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने किया “स्पेस ऑन व्हील्स” का अवलोकन
- छात्रों ने चंद्रयान-मंगलयान की तकनीक को सरल भाषा में समझाया
- 10 हजार से अधिक विद्यार्थियों को मिलेगा सीधा लाभ
- ग्रामीण क्षेत्रों में विज्ञान के प्रति जागरूकता बढ़ाने की बड़ी पहल
विज्ञान से जुड़ता जशपुर का भविष्य
रायपुर/जशपुर, 17 अप्रैल 2026। जशपुर जिले में “स्पेस ऑन व्हील्स” कार्यक्रम बच्चों के लिए अंतरिक्ष विज्ञान का चलता-फिरता विद्यालय बन गया है। रणजीता स्टेडियम में जब भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) की विशेष मोबाइल प्रदर्शनी बस पहुंची, तो बच्चों में उत्साह साफ दिखाई दिया। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रदर्शनी का अवलोकन करते हुए रॉकेट, उपग्रह और अंतरिक्ष मिशनों के मॉडलों को करीब से देखा और विद्यार्थियों से संवाद किया। उन्होंने बच्चों की जिज्ञासा और वैज्ञानिक समझ की खुले दिल से सराहना की, जिससे वहां मौजूद छात्रों का उत्साह और बढ़ गया।
बच्चों का आत्मविश्वास बना प्रेरणा
कार्यक्रम का सबसे भावुक और प्रेरक पल तब आया, जब शासकीय महारानी लक्ष्मी बाई स्कूल की छात्राओं ने आगे बढ़कर चंद्रयान और मंगलयान की कार्यप्रणाली को बेहद सहज भाषा में समझाया। बच्चों के आत्मविश्वास और प्रस्तुति से प्रभावित मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसी पहलें दूरस्थ इलाकों में विज्ञान के प्रति रुचि जगाने में मील का पत्थर साबित होती हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि विज्ञान और तकनीक ही भविष्य के विकास की असली नींव हैं और ऐसे कार्यक्रम बच्चों के भीतर नवाचार की सोच को मजबूत करते हैं।
सम्मान और प्रोत्साहन से बढ़ा हौसला
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने “स्पेस ऑन व्हील्स” के माध्यम से विज्ञान का प्रचार करने वाले 17 विद्यार्थियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। साथ ही “द मैजिक ऑफ नाइट स्काई” पुस्तिका भी वितरित की गई, ताकि बच्चे अंतरिक्ष के रहस्यों को और करीब से समझ सकें। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों की उपस्थिति ने इस पहल को और भी महत्वपूर्ण बना दिया। बच्चों के चेहरों पर दिख रही खुशी यह बता रही थी कि यह सिर्फ एक प्रदर्शनी नहीं, बल्कि उनके सपनों को उड़ान देने वाला अवसर है।
गांव-गांव पहुंच रहा विज्ञान का कारवां
“अन्वेषण” कार्यक्रम के अंतर्गत चलाया जा रहा यह अभियान जशपुर जिले के सभी विकासखंडों में पहुंच रहा है। 7 अप्रैल से शुरू होकर 14 दिनों तक चलने वाला यह कार्यक्रम रोजाना अलग-अलग स्कूलों में जाकर सुबह 8 बजे से शाम 5 बजे तक विद्यार्थियों को अंतरिक्ष विज्ञान की जानकारी दे रहा है। विज्ञान भारती के सहयोग से चल रही इस पहल का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चे भी आधुनिक विज्ञान से जुड़ सकें और उन्हें बड़े शहरों जैसी सीखने की सुविधाएं मिल सकें।
STEM करियर की ओर बढ़ते कदम
“स्पेस ऑन व्हील्स” केवल ज्ञान देने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह बच्चों को विज्ञान, तकनीक, इंजीनियरिंग और गणित (STEM) के क्षेत्र में करियर बनाने के लिए प्रेरित भी कर रहा है। प्रदर्शनी में पीएसएलवी, जीएसएलवी, रिमोट सेंसिंग और कम्युनिकेशन सैटेलाइट जैसे मॉडल के साथ ऑडियो-विजुअल और इंटरएक्टिव तकनीकों का उपयोग किया जा रहा है। यह पहल खासतौर पर उन छात्रों के लिए वरदान साबित हो रही है, जो संसाधनों की कमी के कारण बड़े संस्थानों तक नहीं पहुंच पाते। जशपुर में इसका आगमन अब एक ऐसे अभियान के रूप में देखा जा रहा है, जो आने वाले समय में जिले को विज्ञान के क्षेत्र में नई पहचान दिला सकता है।


