स्वतंत्र छत्तीसगढ़
हेडलाइंस :
- भुगतान नहीं मिलने पर सफाई ठेकेदारों ने किया काम बंद
- रायपुर नगर निगम के 70 वार्डों में प्रभावित हुई सफाई व्यवस्था
- कई क्षेत्रों में कचरा उठाव नहीं होने से नागरिक परेशान
- विपक्ष ने निगम प्रशासन की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल
- लंबी हड़ताल की स्थिति में बढ़ सकता है स्वास्थ्य संकट
रायपुर। रायपुर नगर निगम की सफाई व्यवस्था को बुधवार से बड़ा झटका लगा है। बकाया भुगतान नहीं मिलने से नाराज सफाई ठेकेदारों ने काम बंद कर दिया है, जिसके चलते राजधानी के सभी 70 वार्डों में सफाई व्यवस्था प्रभावित हो गई है। सुबह से ही कई इलाकों में कचरा संग्रहण नहीं हो पाया, जिससे आम नागरिकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। शहर के विभिन्न हिस्सों में कचरे के ढेर दिखाई देने लगे हैं और लोगों में निगम प्रशासन के प्रति नाराजगी बढ़ रही है।
चार महीने से भुगतान लंबित होने का आरोप
सफाई ठेकेदारों का कहना है कि पिछले चार महीने से उनके भुगतान लंबित हैं। कई बार निगम प्रशासन से भुगतान की मांग किए जाने के बावजूद कोई ठोस समाधान नहीं निकला। इसी मुद्दे को लेकर दो दिन पहले ठेकेदारों ने नगर निगम आयुक्त और नेता प्रतिपक्ष आकाश तिवारी को ज्ञापन सौंपा था। ज्ञापन में स्पष्ट चेतावनी दी गई थी कि यदि समय पर भुगतान नहीं किया गया तो सफाई कार्य बंद कर दिया जाएगा। मांगों पर कार्रवाई नहीं होने के बाद ठेकेदारों ने सामूहिक रूप से हड़ताल का निर्णय लिया।
यूजर चार्ज बढ़ोतरी के बीच खड़े हुए नए सवाल
नगर निगम द्वारा हाल ही में आवासीय और व्यावसायिक श्रेणियों के लिए यूजर चार्ज में वृद्धि की गई है। इस निर्णय को लेकर पहले से ही राजनीतिक विवाद चल रहा है। ऐसे समय में सफाई ठेकेदारों की हड़ताल ने निगम के वित्तीय प्रबंधन और प्रशासनिक व्यवस्था पर नए सवाल खड़े कर दिए हैं। आम नागरिकों के बीच यह चर्चा तेज हो गई है कि जब यूजर चार्ज बढ़ाया गया है, तब भी सफाई कार्य से जुड़े ठेकेदारों को समय पर भुगतान क्यों नहीं मिल पा रहा है।
विपक्ष ने निगम प्रशासन को घेरा
नेता प्रतिपक्ष आकाश तिवारी ने इस पूरे मामले को निगम प्रशासन की विफलता बताते हुए कहा कि राजधानी में पहले से ही सफाई व्यवस्था संतोषजनक नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि भुगतान में देरी के कारण सफाई कार्य प्रभावित होना प्रशासनिक लापरवाही का परिणाम है। उन्होंने नगर निगम से तत्काल बकाया भुगतान जारी कर सफाई व्यवस्था बहाल करने की मांग की है ताकि नागरिकों को राहत मिल सके।
लंबी हड़ताल से बढ़ सकता है स्वास्थ्य संकट
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि हड़ताल लंबे समय तक जारी रहती है तो राजधानी में कचरे का संकट गहरा सकता है। गर्मी और मानसून के मौसम में कचरे के ढेर संक्रमण, मच्छरों और विभिन्न बीमारियों के प्रसार का कारण बन सकते हैं। ऐसे में नगर निगम प्रशासन पर जल्द समाधान निकालने का दबाव बढ़ गया है। बताया जा रहा है कि निगम अधिकारी ठेकेदारों से लगातार बातचीत कर रहे हैं और सफाई व्यवस्था को जल्द सामान्य बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
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