स्वतंत्र छत्तीसगढ़ डेस्क
हाइलाइट्स
- कांकेर के माचपल्ली जंगल में पुलिस-नक्सली मुठभेड़
- मेढकी LOS कमांडर रूपी मारी गई, लंबे समय से थी वांछित
- महिला नक्सली के पास से हथियार और विस्फोटक सामग्री बरामद
- गरियाबंद-ओडिशा सीमा पर CRPF ने 70 जिलेटिन सहित बड़ी बरामदगी की
- सुरक्षा बलों का सर्च ऑपरेशन अब भी जारी
मुठभेड़ में ढेर हुई नक्सली कमांडर, सुरक्षा बलों की बड़ी कार्रवाई
छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद पर लगातार हो रही कार्रवाई के बीच कांकेर जिले के पखांजूर इलाके के माचपल्ली जंगल में पुलिस और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हुई, जिसमें मेढकी LOS कमांडर रूपी को सुरक्षा बलों ने मार गिराया। कांकेर एसपी निखिल राखेचा के अनुसार, छोटेबेठिया–परतापुर थाना क्षेत्र के सीमावर्ती माचपल्ली-आरामझोरा-हिडूर इलाके में माओवादियों की मौजूदगी की सूचना पर सर्च ऑपरेशन चलाया गया था, जिसके दौरान यह मुठभेड़ हुई। मुठभेड़ के बाद तलाशी में एक महिला नक्सली का शव बरामद किया गया, जिसकी पहचान रूपी के रूप में हुई है।
कौन थी रूपी और क्यों थी अहम
माओवादी संगठन में सक्रिय रूपी डीकेएसजेडसी सदस्य विजय रेड्डी की पत्नी थी, जो वर्ष 2025 में मानपुर–मोहला क्षेत्र में एक मुठभेड़ में मारा गया था। रूपी को बस्तर क्षेत्र में सक्रिय अंतिम तेलुगू नक्सली कैडर माना जा रहा था, जिसकी लंबे समय से सुरक्षा एजेंसियों को तलाश थी। उसके मारे जाने को नक्सली नेटवर्क के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है। घटनास्थल से पिस्टल, गोला-बारूद और अन्य सामग्री बरामद की गई है, जिससे संकेत मिलता है कि इलाके में नक्सली गतिविधियां अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुई हैं।
गरियाबंद में भी बड़ी कामयाबी, साजिश नाकाम
इसी बीच गरियाबंद और ओडिशा सीमा पर सीआरपीएफ और पुलिस की संयुक्त टीम ने सोनाबेड़ा अभ्यारण्य से लगे ढेकुनपानी जंगल में सर्च ऑपरेशन के दौरान बड़ी मात्रा में विस्फोटक सामग्री जब्त की है। बरामद सामान में 70 जिलेटिन की छड़ें, 3 स्टील कंटेनर (टिफिन बम के लिए उपयोगी) और 4 बंडल इलेक्ट्रॉनिक वायर शामिल हैं। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि यह सामग्री किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की तैयारी का हिस्सा थी, जिसे समय रहते नाकाम कर दिया गया। फिलहाल पूरे क्षेत्र में सघन सर्च अभियान जारी है।
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