स्वतंत्र छत्तीसगढ़
हेडलाइंस
- भिलाई स्टील प्लांट से 250 टन लोहे की चोरी का खुलासा
- फ्लाई ऐश के नीचे छिपाकर बाहर ले जाया जा रहा था लोहा
- पुलिस ने 10 वाहन और दो हाईवा जब्त किए
- हथखोज और अकलोरडीह स्थित गोदाम से बरामद हुआ संदिग्ध माल
- बीएसपी प्रबंधन और पुलिस दोनों कर रहे मामले की जांच
दुर्ग/भिलाई। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले स्थित भिलाई स्टील प्लांट से करीब 250 टन लोहे की चोरी का बड़ा मामला सामने आया है। चोरी किए गए लोहे की कीमत लगभग 1 करोड़ रुपए बताई जा रही है। पुलिस ने भिलाई-3 थाना क्षेत्र के हथखोज और अकलोरडीह इलाके में कार्रवाई करते हुए भारी मात्रा में संदिग्ध लोहा जब्त किया है। मामले के सामने आने के बाद प्लांट प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
फ्लाई ऐश की आड़ में बाहर निकाला जा रहा था लोहा
पुलिस जांच में सामने आया है कि लोहे को ट्रकों और हाईवा वाहनों में फ्लाई ऐश के नीचे छिपाकर प्लांट से बाहर निकाला जा रहा था। ऊपर से वाहनों में फ्लाई ऐश दिखाई देती थी, जबकि नीचे भारी मात्रा में लोहे की प्लेटें और स्क्रैप भरा रहता था। पुलिस को शक है कि यह काम लंबे समय से संगठित तरीके से किया जा रहा था और इसमें अंदरूनी मिलीभगत भी हो सकती है।
पुलिस ने की घेराबंदी, गोदाम से मिला भारी माल
लगातार मिल रही शिकायतों के बाद 27 मई को पुलिस ने संदिग्ध वाहनों पर नजर रखी। पुलिस टीम ट्रकों का पीछा करते हुए हथखोज स्थित एक गोदाम तक पहुंची, जहां घेराबंदी कर कार्रवाई की गई। छावनी सीएसपी प्रशांत कुमार पैकरा और भिलाई-3 थाना पुलिस ने मौके पर मौजूद लोगों से दस्तावेज मांगे, लेकिन जब्त लोहे से संबंधित कोई वैध कागजात प्रस्तुत नहीं किए जा सके। जांच में गोदाम से करीब 250 टन संदिग्ध लोहा बरामद किया गया।
10 वाहन जब्त, ट्रांसपोर्टर और संचालकों से होगी पूछताछ
पुलिस ने कार्रवाई के दौरान लोहा चोरी में इस्तेमाल किए जा रहे 10 वाहनों समेत दो हाईवा जब्त किए हैं। जिस कबाड़ी गोदाम में संदिग्ध लोहा मिला, उसका संचालन मोहम्मद कलीम द्वारा किया जाना बताया जा रहा है। पुलिस ट्रांसपोर्टर संजय सिंह और गोदाम संचालक से पूछताछ की तैयारी कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि पूरे नेटवर्क और इसमें शामिल लोगों की भूमिका की गहन जांच की जाएगी।
बीएसपी प्रबंधन में मचा हड़कंप
घटना की जानकारी मिलते ही भिलाई स्टील प्लांट प्रबंधन में हड़कंप मच गया। बीएसपी की टीम और एफएसएल अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की। प्रबंधन ने पूरे मामले की जांच के लिए अलग समिति गठित की है, जो यह पता लगाएगी कि इतने बड़े स्तर पर चोरी कैसे हुई और इसमें कौन-कौन शामिल था। पुलिस ने बरामद लोहे को बीएनएसएस की धारा 106 के तहत जब्त कर गोदाम को सील कर दिया है।
सीआईएसएफ सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
भिलाई स्टील प्लांट देश की सबसे बड़ी इस्पात इकाइयों में से एक है, जिसकी सुरक्षा केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल यानी सीआईएसएफ के जिम्मे है। जानकारी के अनुसार प्लांट परिसर में करीब 700 जवान तैनात रहते हैं और सैकड़ों सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जाती है। इसके बावजूद इतनी बड़ी मात्रा में लोहा चोरी होना सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि बिना अंदरूनी सहयोग के इतनी बड़ी चोरी संभव नहीं हो सकती।
जांच के बाद तय होंगे आरोपियों के नाम
भिलाई नगर सीएसपी सत्य प्रकाश तिवारी ने बताया कि पुलिस को सूचना मिली थी कि अकलोरडीह स्थित एके ट्रेडर्स यार्ड में प्लांट से चोरी किया गया लोहा डंप किया जा रहा है। कार्रवाई के दौरान वाहनों और गोदाम से भारी मात्रा में लोहा बरामद किया गया। फिलहाल पुलिस ड्राइवरों और संबंधित लोगों से पूछताछ कर रही है तथा बीएसपी प्रबंधन को भी पत्र भेजा गया है। जांच पूरी होने के बाद ही वास्तविक आरोपियों के नाम स्पष्ट हो पाएंगे।
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