स्वतंत्र छत्तीसगढ़ डेस्क
मुख्य बिंदु
- 7वीं के छात्र को टीचर ने मारे कई थप्पड़
- कान में आई गंभीर चोट, सुनने में हो रही दिक्कत
- घटना जुलाई 2025 की, अब जाकर हुई कार्रवाई
- आरोपी शिक्षिका गिरफ्तार, दूसरी फरार
घटना का पूरा मामला
डोंगरगढ़ : राजनांदगांव जिले के डोंगरगढ़ स्थित खालसा पब्लिक स्कूल में एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां 7वीं कक्षा के छात्र के साथ कथित मारपीट ने उसकी सेहत पर गहरा असर डाल दिया। जानकारी के अनुसार, 2 जुलाई 2025 को छात्र सार्थक सहारे क्लास में सामान्य दिन की तरह पहुंचा था, लेकिन किताब निकालने में थोड़ी देरी हो गई। इस पर क्लास टीचर नम्रता साहू ने इंचार्ज प्रियंका सिंह से शिकायत की, जिसके बाद गुस्से में आकर प्रियंका सिंह ने छात्र को लगातार 3-4 थप्पड़ मार दिए।
इलाज और स्वास्थ्य पर असर
घर लौटने के बाद छात्र ने अपनी मां को बताया कि उसे ठीक से सुनाई नहीं दे रहा है। यह सुनकर परिजन घबरा गए और तुरंत उसे स्थानीय अस्पताल लेकर पहुंचे। डॉक्टरों की जांच में सामने आया कि छात्र के कान में अंदरूनी चोट लगी है। इसके बाद उसे बेहतर इलाज के लिए पहले राजनांदगांव और फिर रायपुर के निजी अस्पताल में रेफर किया गया। फिलहाल छात्र का इलाज जारी है, लेकिन उसकी सुनने की क्षमता अभी पूरी तरह सामान्य नहीं हो पाई है।
पुलिस कार्रवाई और जांच
घटना के बाद परिजनों ने मामले को गंभीरता से लेते हुए थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने जांच शुरू की और साक्ष्य जुटाने के बाद आरोपी शिक्षिका प्रियंका सिंह को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। वहीं, इस मामले में शामिल दूसरी शिक्षिका नम्रता साहू फिलहाल फरार बताई जा रही हैं, जिनकी तलाश में पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है।
शिक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
इस घटना ने एक बार फिर स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा और शिक्षकों के व्यवहार पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अभिभावकों में इस घटना को लेकर चिंता और आक्रोश दोनों देखने को मिल रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि बच्चों के साथ इस तरह की शारीरिक सजा न केवल उनके स्वास्थ्य बल्कि मानसिक स्थिति पर भी गहरा असर डालती है। ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई और निगरानी की आवश्यकता है ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
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