बिलासपुर/छत्तीसगढ़
हाईलाइट बॉक्स :
दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे बिलासपुर जोन ने 2025-26 में 261.25 मिलियन टन माल लदान कर 32 हजार करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया। कोयला परिवहन में 199.50 मिलियन टन के साथ देश में पहला स्थान हासिल किया, जबकि कुल माल लदान में यह जोन भारतीय रेल में दूसरे स्थान पर रहा।
रिकॉर्ड माल लदान से मजबूत हुई अर्थव्यवस्था
दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के बिलासपुर जोन ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में माल लदान और राजस्व के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। जीएम तरुण प्रकाश के अनुसार, इस दौरान 261.25 मिलियन टन माल लदान किया गया, जिससे करीब 32 हजार करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ। यह पिछले वर्ष की तुलना में 3.1 प्रतिशत अधिक है, जो भारतीय रेलवे में सर्वाधिक वृद्धि मानी जा रही है। खासतौर पर कोयला परिवहन में 199.50 मिलियन टन का राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाकर इस जोन ने देश में पहला स्थान हासिल किया, जिससे ऊर्जा क्षेत्र को भी मजबूती मिली है।
यात्री सुविधाओं में विस्तार और स्टेशनों का कायाकल्प
इस वर्ष यात्री सेवाओं में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई। कुल 8.3 करोड़ यात्रियों को उनके गंतव्य तक पहुंचाया गया, जो पिछले साल से 12 प्रतिशत अधिक है। 18 प्रतिशत अधिक ट्रेनों का संचालन किया गया, जिसमें 4 नई ट्रेन सेवाएं, 7 ट्रेनों का विस्तार और 36 ट्रेन-जोड़ियों में 28 नए ठहराव शामिल हैं। अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत बिलासपुर, रायपुर और दुर्ग सहित 50 स्टेशनों का पुनर्विकास कार्य तेजी से चल रहा है, जिसमें से 17 स्टेशनों का कार्य पूरा हो चुका है। यात्रियों की सुविधा के लिए लिफ्ट, एस्केलेटर, फुट ओवर ब्रिज और आधुनिक कोचों की व्यवस्था से यात्रा अधिक सुरक्षित और आरामदायक बनाई जा रही है।
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इंफ्रास्ट्रक्चर और सुरक्षा में बड़ा निवेश
रेलवे ने बुनियादी ढांचे के विकास में भी अहम कदम उठाए हैं। इस वर्ष 125 किलोमीटर नई रेल लाइन और मल्टी-ट्रैकिंग का कार्य पूरा किया गया, साथ ही 18 आरओबी और 27 आरयूबी बनाए गए। 34 लेवल क्रॉसिंग बंद कर सुरक्षा को और मजबूत किया गया। ‘कवच’ जैसी आधुनिक तकनीक को 101 इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव में लागू किया गया है, जिससे दुर्घटनाओं में 45 प्रतिशत तक कमी आई है। फायर सेफ्टी सिस्टम, वैगन मॉनिटरिंग और लोको पायलट्स की निगरानी जैसी व्यवस्थाओं ने यात्रियों के भरोसे को और बढ़ाया है।
सामाजिक जिम्मेदारी और कर्मचारी सशक्तिकरण
रेलवे ने सामाजिक जिम्मेदारियों के तहत भी सराहनीय कार्य किए हैं। ‘ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते’ के माध्यम से 324 बच्चों को सुरक्षित बचाया गया, जबकि ‘रेल मदद’ पोर्टल के जरिए 51 हजार से अधिक शिकायतों का समाधान किया गया। रेलवे सुरक्षा बल ने अवैध टिकट, नशीले पदार्थ और चोरी गई संपत्ति की बड़ी बरामदगी की है। साथ ही 4,193 नए कर्मचारियों की भर्ती कर उन्हें 1 करोड़ रुपये का बीमा कवर प्रदान किया गया, जिससे कर्मचारियों का मनोबल भी बढ़ा है।
नई परियोजनाओं से जुड़ेगा विकास का नया ट्रैक
भविष्य की योजनाओं में भी SECR तेजी से आगे बढ़ रहा है। राव घाट से जगदलपुर तक नई रेल लाइन को मंजूरी दी गई है, जिससे बस्तर सहित चार जिलों को सीधा लाभ मिलेगा। पिछले 10 वर्षों में 1,475 किमी लंबी 15 परियोजनाएं पूरी की जा चुकी हैं, जबकि 2,790 किमी की 41 परियोजनाएं अभी प्रगति पर हैं। यह विस्तार न केवल क्षेत्रीय विकास को गति देगा बल्कि देश के रेल नेटवर्क को भी और मजबूत बनाएगा।


