धमतरी / छत्तीसगढ़
जैतपुरी गांव के सैकड़ों ग्रामीण पहुंचे कलेक्ट्रेट, महिलाओं के साथ बदसलूकी और जबरन गिरफ्तारी का लगाया आरोप
प्रमुख बिंदु
- वन विभाग की कार्रवाई के बाद जैतपुरी गांव में बढ़ा विवाद
- ग्रामीणों ने महिलाओं और पुरुषों के साथ मारपीट का लगाया आरोप
- अतिक्रमण हटाने पहुंची टीम और ग्रामीणों के बीच हुआ हंगामा
- कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक को सौंपा गया ज्ञापन
धमतरी। उदंती सीतानदी टाइगर रिजर्व के कोर वन्यप्राणी क्षेत्र जैतपुरी में वन विभाग की कार्रवाई के बाद विवाद गहराता जा रहा है। मंगलवार को गांव के सैकड़ों ग्रामीण कलेक्ट्रेट पहुंचे और वन विभाग के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि अतिक्रमण हटाने और गिरफ्तारी की कार्रवाई के दौरान वन अमले ने महिलाओं और पुरुषों के साथ मारपीट की तथा घरों से घसीटकर बाहर निकाला।
अतिक्रमण हटाने पहुंची थी वन विभाग की टीम
जानकारी के अनुसार उदंती सीतानदी टाइगर रिजर्व क्षेत्र में लगभग एक लाख पेड़ों की कटाई कर 265 एकड़ वन भूमि पर अतिक्रमण किए जाने का मामला सामने आया है। इसी मामले में कार्रवाई करने उपनिदेशक वरुण जैन के नेतृत्व में वन विभाग की टीम सोमवार को जैतपुरी गांव पहुंची थी। वन विभाग 166 कथित अतिक्रमणकारियों की गिरफ्तारी के लिए कार्रवाई कर रहा था, इसी दौरान ग्रामीणों और वन अमले के बीच विवाद की स्थिति बन गई।
महिलाओं ने लगाए गंभीर आरोप
ग्रामीण महिलाओं ने आरोप लगाया कि वन विभाग के कर्मचारियों ने घरों में घुसकर अभद्र व्यवहार किया और पुरुषों को जबरन पकड़कर ले जाया गया। ग्रामीण महिला दुर्गा नेताम ने बताया कि उनके पति को घर से उठाकर ले जाया गया, जबकि एक अन्य महिला हेमबाई कंवर ने आरोप लगाया कि विरोध करने पर उनके साथ धक्का-मुक्की की गई। ग्रामीणों का कहना है कि कार्रवाई के दौरान पूरे गांव में भय और अशांति का माहौल बन गया।
वीडियो बनाने वाले युवक से भी मारपीट का आरोप
ग्रामीण सुमित कोर्राम ने आरोप लगाया कि वह घटनास्थल का वीडियो बना रहा था, तभी वन विभाग के अधिकारियों ने उसके साथ मारपीट की और घसीटते हुए ले गए। घटना के बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण कलेक्ट्रेट पहुंचे और कलेक्टर व पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपकर दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
जनप्रतिनिधियों ने भी उठाए सवाल
ग्रामीणों के समर्थन में पहुंचे पूर्व जिला पंचायत सदस्य मनोज साक्षी ने वन विभाग की कार्यशैली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि गांव में अचानक दबिश देकर महिलाओं और ग्रामीणों के साथ जिस प्रकार का व्यवहार किया गया, उससे ग्रामीणों में आक्रोश है। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की।
पुलिस ने जांच का दिया आश्वासन
धमतरी पुलिस अधीक्षक सूरज सिंह परिहार ने कहा कि ग्रामीणों की शिकायत प्राप्त हुई है और मामले की जांच की जा रही है। जांच के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। वहीं वन विभाग का कहना है कि कार्रवाई जंगल बचाने और अतिक्रमण हटाने के उद्देश्य से की गई थी।
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