रायपुर / छत्तीसगढ़
📌 हाइलाइट बॉक्स:
- राजधानी रायपुर में हाईटेक ड्रग्स रैकेट का खुलासा
- 4 आरोपी गिरफ्तार, एमडीएमए ड्रग बरामद
- टैक्सी व रैपिडो राइडर बनकर करते थे सप्लाई
- ‘डेड-ड्रॉप’ तकनीक से पुलिस से बचने की कोशिश
- कई राज्यों से मंगाई जाती थी ड्रग्स की खेप
कार्रवाई में बड़ा खुलासा
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में ड्रग्स तस्करी के एक संगठित और हाईटेक नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ है। तेलीबांधा थाना पुलिस ने विशेष कार्रवाई करते हुए इस गिरोह के चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनके तार दिल्ली से जुड़े बताए जा रहे हैं। काशीराम नगर इलाके में घेराबंदी कर पुलिस ने एक कुरियर को पकड़ा, जिसके पास से 5.58 ग्राम एमडीएमए बरामद हुआ। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान कुणाल मंगतानी, सौरभ डोंगरे, शुभम राठौर और सौरभ यादव के रूप में हुई है।
हाईटेक तरीके से चलता था रैकेट
जांच में सामने आया कि यह पूरा नेटवर्क तकनीकी और रणनीतिक तरीके से संचालित किया जा रहा था। गिरोह के सरगना दिल्ली में बैठकर फोन के जरिए ऑर्डर लेते थे और रायपुर में मौजूद अपने सहयोगियों को निर्देश देते थे। आरोपी मोबाइल टैक्सी चालक और रैपिडो राइडर के रूप में काम करते थे, जिससे वे शहर के अलग-अलग इलाकों में बिना किसी संदेह के ड्रग्स की डिलीवरी कर पाते थे। यह तरीका इतना सुनियोजित था कि आम लोगों के बीच रहकर भी ये गतिविधियां लंबे समय तक छिपी रहीं।
‘डेड-ड्रॉप’ तकनीक और देशभर से सप्लाई
गिरोह ने ड्रग्स सप्लाई के लिए ‘डेड-ड्रॉप’ तकनीक अपनाई थी, जिसमें ग्राहक और सप्लायर आमने-सामने नहीं आते थे। तय स्थान पर ड्रग्स रखकर केवल लोकेशन शेयर कर दी जाती थी, जिससे पहचान छिपी रहती थी। पूछताछ में यह भी सामने आया है कि पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, मुंबई और गोवा जैसे राज्यों से ट्रेन, बस और कुरियर के जरिए ड्रग्स रायपुर पहुंचाई जाती थी। पुलिस अब इस नेटवर्क के अन्य सदस्यों की पहचान और शहर में हुई सप्लाई के दायरे की जांच में जुटी है। अधिकारियों का दावा है कि जल्द ही और बड़ी गिरफ्तारियां हो सकती हैं, जिससे पूरे सिंडिकेट का पर्दाफाश संभव है।
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