रायपुर / छत्तीसगढ़
मुख्य बिंदु
- अप्रैल, मई और जून का चावल एक साथ मिलेगा
- खाद्य विभाग ने जारी किया अग्रिम आवंटन
- 30 अप्रैल तक वितरण पूरा करने के निर्देश
- कई दुकानों में स्टॉक व सर्वर की समस्या
योजना का उद्देश्य और सरकारी निर्देश
छत्तीसगढ़ में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के तहत पात्र राशनकार्ड धारकों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। राज्य सरकार ने अप्रैल माह में ही अप्रैल, मई और जून—तीनों महीनों का चावल एक साथ वितरित करने का निर्णय लिया है। खाद्य विभाग द्वारा इस संबंध में खाद्यान्न का आवंटन जारी कर दिया गया है और सभी जिलों के कलेक्टरों को निर्देश दिए गए हैं कि 31 मार्च तक पर्याप्त स्टॉक सुनिश्चित किया जाए। साथ ही 30 अप्रैल तक सभी पात्र हितग्राहियों को राशन वितरण पूरा करने के स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं।
किन-किन कार्डधारकों को मिलेगा लाभ
सरकार के इस फैसले का लाभ अंत्योदय और प्राथमिकता श्रेणी के राशनकार्ड धारकों को मिलेगा। निर्धारित मासिक पात्रता के अनुसार ही तीन माह का चावल वितरित किया जाएगा। इसके अलावा राज्य योजना के अंतर्गत आने वाले एकल निराश्रित और निःशक्तजन कार्डधारकों के लिए भी चावल का आवंटन किया गया है। नमक और शक्कर जैसी अन्य आवश्यक राशन सामग्री का भी वितरण किया जाएगा। ई-पॉस मशीनों के माध्यम से हितग्राहियों के लिए अलग-अलग बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण की सुविधा एईपीडीएस सॉफ्टवेयर में सुनिश्चित की गई है, जिससे पारदर्शिता बनी रहे।
जमीनी स्थिति: दुकानों में भीड़ और चुनौतियां
हालांकि, जमीनी स्तर पर कुछ समस्याएं भी सामने आ रही हैं। प्रदेश के कई उचित मूल्य दुकानों में चावल का पर्याप्त स्टॉक नहीं पहुंच पाया है, जिससे वितरण में देरी की आशंका जताई जा रही है। मार्च माह में सर्वर समस्याओं के कारण भी कई हितग्राही राशन से वंचित रह गए थे। राजधानी रायपुर समेत कई जिलों में राशन दुकानों पर लंबी कतारें और भीड़ देखने को मिल रही है, जिससे लोगों को असुविधा हो रही है।
विभाग का पक्ष और आधिकारिक बयान
खाद्य सचिव रीना बाबा साहेब कंगाले ने स्पष्ट किया है कि राज्य में पीडीएस के तहत सभी पात्र हितग्राहियों को अप्रैल माह में ही तीन माह का चावल उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि विभाग द्वारा आवश्यक खाद्यान्न का आवंटन कर दिया गया है और वितरण प्रक्रिया को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया गया है। सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी पात्र व्यक्ति को राशन से वंचित न रहना पड़े।
आम लोगों पर असर और आगे की स्थिति
इस निर्णय से एक ओर जहां हितग्राहियों को बार-बार राशन लेने की झंझट से राहत मिलेगी, वहीं दूसरी ओर एकमुश्त वितरण के कारण शुरुआती दिनों में भीड़ और व्यवस्थागत दबाव भी बढ़ सकता है। विशेषज्ञ मानते हैं कि यदि समय पर स्टॉक और सर्वर की समस्याओं का समाधान कर लिया जाता है, तो यह पहल गरीब और जरूरतमंद वर्ग के लिए काफी लाभकारी साबित होगी।
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