नयी दिल्ली / भारत
मुख्य बिंदु
- देश में फिलहाल लॉकडाउन लगाने की कोई योजना नहीं
- मिडिल ईस्ट तनाव और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर खतरे को लेकर उच्चस्तरीय समीक्षा
- राज्यों को आम जनता की जरूरतें प्रभावित न होने देने के निर्देश
- “टीम इंडिया” की भावना से काम करने पर जोर
- केंद्र और राज्य मिलकर स्थिति संभालने के लिए सतर्क
वैश्विक संकट पर केंद्र की नजर
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री Narendra Modi ने शुक्रवार देर शाम मिडिल ईस्ट में बढ़ते युद्ध जैसे हालात और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के संभावित बंद होने के खतरे को देखते हुए सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ एक अहम वर्चुअल बैठक की। लगभग दो घंटे चली इस बैठक में प्रधानमंत्री ने साफ किया कि मौजूदा हालात चुनौतीपूर्ण जरूर हैं, लेकिन देश में लॉकडाउन लगाने की कोई आवश्यकता नहीं है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार हर स्तर पर स्थिति पर नजर बनाए हुए है और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों के प्रभाव को कम करने के लिए सक्रिय रणनीति पर काम किया जा रहा है।
“टीम इंडिया” की भावना से काम करने की अपील
बैठक के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने राज्यों से अपील की कि वे “टीम इंडिया” की भावना के साथ काम करें, जैसा कि कोविड-19 के कठिन समय में किया गया था। उन्होंने कहा कि केंद्र की नीतियों को जमीनी स्तर पर लागू करने में राज्यों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। आम लोगों तक आवश्यक वस्तुओं और सेवाओं की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करना राज्य सरकारों की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने यह भी कहा कि जनता में किसी प्रकार का भय या भ्रम न फैलने दिया जाए और पारदर्शी संवाद बनाए रखा जाए।
कोविड काल से लिया गया सबक
प्रधानमंत्री ने मौजूदा स्थिति की तुलना मार्च 2020 के कोविड-19 संकट से करते हुए कहा कि उस समय केंद्र और राज्यों ने मिलकर एक परिवार की तरह काम किया था। COVID-19 महामारी के दौरान लगातार संवाद और समन्वय ने देश को कठिन हालात से निकालने में मदद की थी। उन्होंने उसी सहयोग और समर्पण की भावना को दोहराने की जरूरत बताई। यह संदेश स्पष्ट था कि संकट भले ही अलग हो, लेकिन समाधान की दिशा वही—साझा प्रयास और मजबूत नेतृत्व—होनी चाहिए।
राज्यों ने तैयारियों का रखा ब्यौरा
बैठक में गृह मंत्री Amit Shah और रक्षा मंत्री Rajnath Singh भी मौजूद रहे। कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने अपनी-अपनी तैयारियों की जानकारी साझा की, जिनमें Yogi Adityanath, Mohan Yadav, Pushkar Singh Dhami और Vishnu Deo Sai शामिल रहे। दक्षिण और अन्य राज्यों से भी नेताओं ने भाग लेकर स्थिति की जानकारी दी और केंद्र के साथ समन्वय का भरोसा जताया।
कुछ राज्य आचार संहिता के कारण अनुपस्थित
हालांकि बैठक में पश्चिम बंगाल, असम, केरल, पुडुचेरी और तमिलनाडु के मुख्यमंत्री चुनावी आचार संहिता के चलते शामिल नहीं हो सके। इसके बावजूद केंद्र ने स्पष्ट किया कि सभी राज्यों के साथ संवाद जारी रहेगा और हर जरूरी सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा। यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब वैश्विक स्तर पर ऊर्जा आपूर्ति और व्यापार मार्गों को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है, और भारत सरकार किसी भी संभावित प्रभाव से निपटने के लिए पहले से तैयार रहने की रणनीति पर काम कर रही है।
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