आँध्रप्रदेश / भारत
हाइलाइट बॉक्स:
- YSRCP नेता लक्ष्मी पार्वती का एपी सीएम पर तीखा हमला
- “छह लाख करोड़ कमाए, लेकिन जनता का भला नहीं किया”
- तिरुमाला लड्डू प्रसाद और हेरिटेज कंपनी को लेकर उठाए सवाल
- राजनीतिक अवसरवाद और क्रेडिट लेने की राजनीति का आरोप
अमरावती में प्रेस वार्ता, सरकार की नीतियों पर सवाल
अमरावती में शुक्रवार को मीडिया से बातचीत के दौरान लक्ष्मी पार्वती ने आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू पर तीखे आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री का ध्यान जनकल्याण की बजाय व्यक्तिगत आर्थिक लाभ पर अधिक केंद्रित रहा है। पार्वती ने दावा किया कि उन्होंने अब तक “छह लाख करोड़ रुपये” कमाए हैं, लेकिन आम जनता के जीवन स्तर में अपेक्षित सुधार नहीं दिखता। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि नायडू की राजनीतिक यात्रा हमेशा विवादों से घिरी रही है और उनकी प्राथमिकता सत्ता व संसाधनों का केंद्रीकरण रही है।
राजनीतिक अवसरवाद और गठबंधनों पर निशाना
पार्वती ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री अपनी राजनीतिक आवश्यकताओं के अनुसार सहयोगियों का चयन करते हैं। उन्होंने कहा कि कभी कांग्रेस और कभी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आलोचना करने वाले नायडू बाद में उन्हीं के साथ गठबंधन कर लाभ उठाते हैं। उन्होंने इसे “राजनीतिक अवसरवाद” बताते हुए कहा कि राज्य की जनता इस प्रवृत्ति को समझ रही है। उनके अनुसार, सत्ता में बने रहने के लिए विचारधारा से समझौता करना लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है।
तिरुमाला लड्डू प्रसाद और श्रद्धालुओं की भावनाएँ
लक्ष्मी पार्वती ने तिरुमाला के प्रसिद्ध तिरुमाला वेंकटेश्वर मंदिर के लड्डू प्रसाद से जुड़े मुद्दों का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि सरकार श्रद्धालुओं की आस्था के साथ खिलवाड़ कर रही है। उन्होंने कहा कि धार्मिक विषयों पर संवेदनशीलता अपेक्षित है, लेकिन राजनीतिक लाभ के लिए इनका उपयोग नहीं होना चाहिए। यह भी आरोप लगाया गया कि विभिन्न योजनाओं और उपलब्धियों का श्रेय लेने में मुख्यमंत्री अग्रणी रहते हैं, भले ही उन योजनाओं की नींव पूर्ववर्ती सरकारों ने रखी हो।
हेरिटेज कंपनी और अन्य आरोप
पार्वती ने Heritage Foods के संदर्भ में भी गंभीर सवाल उठाए। उनका दावा था कि कंपनी के कुछ शेयरधारकों को दबाव में बाहर किया गया। इसके अतिरिक्त, उन्होंने आरोप लगाया कि छात्र जीवन से ही नायडू विवादों में रहे हैं और परीक्षा से जुड़े अनियमितताओं के आरोप भी लगाए। उन्होंने मुख्यमंत्री को “साज़िशों का सुरक्षित अड्डा” बताते हुए कहा कि पारदर्शिता और जवाबदेही ही लोकतंत्र की असली कसौटी है।
राजनीतिक माहौल में तेज होती बयानबाज़ी
अमरावती की राजनीति में इन बयानों के बाद सियासी माहौल और गर्म होने की संभावना है। हालांकि, इन आरोपों पर मुख्यमंत्री या उनकी पार्टी की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आगामी राजनीतिक समीकरणों और जनसमर्थन को ध्यान में रखते हुए इस प्रकार की बयानबाज़ी और तेज हो सकती है। जनता अब तथ्यों और जवाबदेही की अपेक्षा कर रही है, जिससे आने वाले दिनों में यह मुद्दा और प्रमुखता से उभर सकता है।
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