रायपुर / छत्तीसगढ़
हाइलाइट्स:
- 1.72 लाख करोड़ का बजट प्रस्तुत
- बेटियों के लिए 1.50 लाख की सहायता योजना
- बस्तर में 2024 करोड़ से बैराज निर्माण
- अबूझमाड़–जगरगुंडा में एजुकेशन सिटी व मेडिकल कॉलेज का प्रावधान
जनआकांक्षाओं को समर्पित बजट पर सकारात्मक प्रतिक्रिया
रायपुर। ओपी चौधरी द्वारा छत्तीसगढ़ विधानसभा सत्र में वित्तीय वर्ष 2026–27 के लिए 1.72 लाख करोड़ रुपये का बजट प्रस्तुत किए जाने पर रायपुर उत्तर के विधायक पुरंदर मिश्रा ने इसे जनआकांक्षाओं के अनुरूप, समावेशी और दूरदर्शी बताया है। उन्होंने कहा कि यह बजट समाज के सभी वर्गों—गरीब, किसान, महिला और युवा—को केंद्र में रखकर तैयार किया गया है। उनके अनुसार यह केवल आंकड़ों का दस्तावेज नहीं, बल्कि राज्य के भविष्य की ठोस रूपरेखा है जो विकास को नई दिशा देगा।
नेतृत्व और आत्मनिर्भरता के संकल्प की झलक
विधायक मिश्रा ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रस्तुत यह बजट प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विकसित एवं आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को राज्य स्तर पर मूर्त रूप देने वाला सशक्त रोडमैप है। उन्होंने “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास” के मंत्र का उल्लेख करते हुए कहा कि यह बजट संतुलित विकास की अवधारणा को आगे बढ़ाता है। सामाजिक सुरक्षा, अधोसंरचना, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों में संतुलित निवेश राज्य की समग्र प्रगति सुनिश्चित करेगा।
योजनाओं में शिक्षा, स्वास्थ्य और सिंचाई को प्राथमिकता
उन्होंने बताया कि रानी दुर्गावती योजना के अंतर्गत 18 वर्ष पूर्ण करने पर 1.50 लाख रुपये की सहायता का प्रावधान बेटियों को आर्थिक संबल देने की ऐतिहासिक पहल है। बस्तर अंचल में मठनार एवं देउर गांव में बैराज निर्माण हेतु 2024 करोड़ रुपये का प्रावधान किसानों की आय बढ़ाने और सिंचाई सुविधा विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। साथ ही अबूझमाड़ और जगरगुंडा में एजुकेशन सिटी के लिए 100 करोड़ तथा नए मेडिकल कॉलेज के लिए 50 करोड़ रुपये का प्रावधान शिक्षा और स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करेगा। विधायक मिश्रा ने विश्वास व्यक्त किया कि यह बजट छत्तीसगढ़ को सशक्त, समृद्ध और आत्मनिर्भर राज्य बनाने की दिशा में निर्णायक सिद्ध होगा।
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