आरंग / छत्तीसगढ़
मुख्य बिंदु:
- दो वर्ष पूर्व गठित ब्राह्मण पुरोहित परिषद को सर्वसम्मति से भंग किया गया
- पंजीयन न हो पाना और संगठन में एकरूपता की कमी प्रमुख कारण
- परिषद का ब्राह्मण समाज में विलय, उपस्थित सदस्यों ने दी स्वीकृति
बैठक में लिया गया सर्वसम्मत निर्णय
आरंग नगर में दो वर्ष पूर्व गठित ब्राह्मण पुरोहित परिषद को मंगलवार को आयोजित एक महत्वपूर्ण बैठक में सर्वसम्मति से भंग कर दिया गया। यह निर्णय नगर के ब्रह्म समाज भवन में आयोजित सभा के दौरान लिया गया, जहां समाज के वरिष्ठ और सक्रिय सदस्य उपस्थित रहे। बैठक में परिषद के कार्यकाल, उसकी गतिविधियों तथा वर्तमान स्थिति पर विस्तार से चर्चा की गई, जिसके बाद सर्वानुमति से परिषद को समाप्त करने का प्रस्ताव पारित किया गया।
एकरूपता और पंजीयन की समस्या बनी कारण
बैठक में वक्ताओं ने स्पष्ट किया कि पिछले दो वर्षों में परिषद का विधिवत पंजीयन नहीं हो सका था, जिससे संगठनात्मक मजबूती नहीं बन पाई। इसके साथ ही परिषद के भीतर अपेक्षित एकरूपता और समन्वय का अभाव भी महसूस किया गया। कुछ सदस्यों ने यह भी कहा कि संगठनात्मक असमानता की स्थिति समाज में भ्रम और दूरी पैदा कर रही थी। इन परिस्थितियों को देखते हुए यह निर्णय लिया गया कि परिषद को भंग कर व्यापक ब्राह्मण समाज में उसका विलय कर दिया जाए, ताकि सामाजिक एकता और समन्वय को प्राथमिकता दी जा सके।
समाजिक एकता को प्राथमिकता
सभा में उपस्थित सभी सदस्यों ने परिषद के विलय प्रस्ताव का समर्थन किया और इसे समाजहित में आवश्यक कदम बताया। बैठक में भानु शर्मा, डी.के. शुक्ला, परशु महाराज, सूरज शर्मा, मानिक मिश्रा, राजेश शर्मा, मुकेश शर्मा, तिलक शर्मा, अभिषेक शर्मा, अश्विनी शर्मा, कमल नारायण शर्मा, अजित शर्मा और अविनाश शर्मा सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे। वक्ताओं ने आशा व्यक्त की कि इस निर्णय से समाज में आपसी सहयोग और समरसता को नई दिशा मिलेगी तथा भविष्य में संगठित रूप से सामाजिक गतिविधियों को आगे बढ़ाया जाएगा।
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