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टी20 वर्ल्ड कप 2026 के सुपर-8 चरण में मुकाबले बेहद निर्णायक मोड़ पर पहुंच चुके हैं। हर टीम को इस चरण में तीन-तीन मैच खेलने हैं और सेमीफाइनल की दौड़ काफी कड़ी हो चुकी है। लेकिन कोलंबो में लगातार हो रही बारिश ने समीकरण बदलने का खतरा पैदा कर दिया है। अगर किसी अहम मुकाबले पर बारिश का साया पड़ गया और मैच रद्द हो गया, तो अंक तालिका पर इसका सीधा असर देखने को मिल सकता है।
क्या कहते हैं आईसीसी के नियम?
International Cricket Council (ICC) के नियमों के अनुसार किसी टी20 मैच का आधिकारिक परिणाम निकालने के लिए दोनों टीमों को कम से कम 5-5 ओवर खेलना अनिवार्य है। यदि मौसम की बाधा के कारण यह न्यूनतम ओवर पूरे नहीं हो पाते, तो मैच को रद्द घोषित कर दिया जाता है। ऐसी स्थिति में दोनों टीमों को 1-1 अंक दिए जाते हैं और उस मुकाबले का नेट रन रेट (NRR) पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता। हालांकि सुनने में यह व्यवस्था संतुलित लगती है, लेकिन टूर्नामेंट के इस चरण में एक-एक अंक की अहमियत बेहद बढ़ जाती है।
सेमीफाइनल की दौड़ पर असर
सुपर-8 चरण में जीत के लिए दो अंक मिलते हैं। ऐसे में यदि कोई टीम जीत की स्थिति में दिख रही हो और मैच बारिश के कारण रद्द हो जाए, तो उसे संभावित दो अंकों के बजाय केवल एक अंक से संतोष करना पड़ता है। इससे सेमीफाइनल की रेस में बड़ा झटका लग सकता है, खासकर उन टीमों को जो नेट रन रेट के आधार पर आगे बढ़ने की उम्मीद लगाए बैठी हैं। इससे पहले भी जिम्बाब्वे और आयरलैंड के बीच मैच रद्द होने से अंक तालिका में बड़ा उलटफेर देखने को मिला था।
मौसम भी बना ‘एक्स फैक्टर’
अब स्थिति यह है कि टीमें केवल अपने प्रदर्शन पर ही नहीं, बल्कि मौसम की भविष्यवाणी पर भी नजर रखे हुए हैं। कोलंबो की बारिश सुपर-8 के रोमांच को और बढ़ा रही है, लेकिन साथ ही अनिश्चितता भी ला रही है। फैंस के लिए हर मुकाबला अब ‘करो या मरो’ जैसा बन चुका है—जहां बल्लेबाज़ और गेंदबाज़ के साथ-साथ बादल भी मैच का रुख तय कर सकते हैं।
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