रायपुर /छत्तीसगढ़
हाइलाइट्स:
- नया रायपुर में प्रदर्शन के दौरान गुरुवार को हुई थी गिरफ्तारी
- 45 महिला और 80 पुरुष अभ्यर्थी थे हिरासत में
- जेल में भी शुरू किया अनशन, शनिवार शाम मिली रिहाई
- मांग पूरी न होने पर सामूहिक गिरफ्तारी की चेतावनी
प्रदर्शन और गिरफ्तारी का घटनाक्रम
2300 सहायक शिक्षक पदों पर नियुक्ति की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे डीएड अभ्यर्थियों को तीन दिन बाद शनिवार शाम रिहा कर दिया गया। अभ्यर्थियों को बीते गुरुवार को नया रायपुर में प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने गिरफ्तार किया था। इस दौरान कुल 125 अभ्यर्थियों को हिरासत में लिया गया, जिनमें 45 महिलाएं और 80 पुरुष शामिल थे। गिरफ्तारी के बाद सभी को जेल भेज दिया गया था, जिससे प्रदेश भर में अभ्यर्थियों के बीच आक्रोश का माहौल बन गया।
जेल में भी जारी रहा आंदोलन
गिरफ्तारी के बाद भी आंदोलन की धार कमजोर नहीं पड़ी। जेल में बंद अभ्यर्थियों ने वहीं अनशन शुरू कर दिया, जिससे प्रशासन पर दबाव और बढ़ गया। अभ्यर्थियों का कहना है कि वे लंबे समय से 2300 सहायक शिक्षक पदों पर भर्ती की मांग कर रहे हैं, लेकिन अब तक ठोस निर्णय नहीं लिया गया। एक महिला अभ्यर्थी ने कहा, “हमने पढ़ाई पूरी कर ली है, पात्रता हासिल की है, लेकिन नियुक्ति के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है।” वहीं कुछ अभ्यर्थियों ने इसे युवाओं के भविष्य से जुड़ा मुद्दा बताया।
मांग पूरी नहीं हुई तो फिर आंदोलन
शनिवार शाम रिहाई के बाद अभ्यर्थियों ने स्पष्ट किया कि उनका आंदोलन समाप्त नहीं हुआ है। उनका कहना है कि यदि सरकार उनकी मांग पर सकारात्मक निर्णय नहीं लेती है तो वे अपने परिवारजनों के साथ सामूहिक गिरफ्तारी देंगे और जेल में ही अनशन करेंगे। आंदोलनकारियों का दावा है कि यह केवल नौकरी का प्रश्न नहीं, बल्कि उनके भविष्य और सम्मान का सवाल है। प्रशासन की ओर से फिलहाल किसी नई घोषणा की जानकारी सामने नहीं आई है, लेकिन बढ़ते जनसमर्थन के बीच यह मुद्दा अब व्यापक चर्चा का विषय बन चुका है।
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