रायपुर /छत्तीसगढ़
रायपुर। शनिवार को राजधानी रायपुर में राजनीतिक माहौल उस समय गरमा गया जब भारतीय जनता युवा मोर्चा कांग्रेस भवन का घेराव करने निकला, वहीं दूसरी ओर युवा कांग्रेस भाजपा कार्यालय की ओर कूच कर गई। दोनों संगठनों के कार्यकर्ता एक-दूसरे के दफ्तर तक पहुंचने की कोशिश में पुलिस बैरिकेडिंग से उलझते नजर आए। हालांकि, पुलिस की सख्त सुरक्षा व्यवस्था और अतिरिक्त बल की तैनाती के चलते प्रदर्शनकारी न तो कांग्रेस भवन तक पहुंच सके और न ही भाजपा कार्यालय तक।
रास्ते में झूमाझटकी, अस्थायी गिरफ्तारी
युवा कांग्रेस के कार्यकर्ता प्रदेश अध्यक्ष आकाश शर्मा के नेतृत्व में राजधानी स्थित भाजपा कार्यालय ‘एकात्म परिसर’ का घेराव करने निकले थे। रास्ते में पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी नोकझोंक और झूमाझटकी हुई। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने कई कार्यकर्ताओं को अस्थायी रूप से हिरासत में लिया। मौके पर मौजूद अधिकारियों ने बताया कि एहतियातन कार्रवाई की गई ताकि कानून-व्यवस्था प्रभावित न हो।
आकाश शर्मा ने कहा, “हम गांधीजी के अनुयायी हैं। देश में मौजूदा हालात और बेरोजगारी जैसे मुद्दों को लेकर हम सवाल उठा रहे हैं। लोकतांत्रिक व्यवस्था में विरोध दर्ज कराना हमारा अधिकार है। पुलिस ने हमें बर्बरतापूर्वक रोका और गिरफ्तार किया, लेकिन यह आंदोलन की शुरुआत है।” उन्होंने यह भी कहा कि युवाओं के मुद्दों पर युवा कांग्रेस देशभर में आवाज उठाती रहेगी।
‘एप्स्टीन फाइल’ और अन्य मुद्दों को लेकर घेराव
युवा कांग्रेस ने अपने विरोध के केंद्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी का नाम कथित ‘एप्स्टीन फाइल’ में आने के मुद्दे को भी शामिल किया। संगठन का आरोप है कि इतने गंभीर विषय पर सरकार की ओर से स्पष्ट और पारदर्शी जवाब नहीं दिया गया। इसके अलावा, अमेरिका के साथ कथित किसान-विरोधी समझौते और विरोध प्रदर्शनों को देश-विरोधी बताकर दबाने के प्रयासों को भी उन्होंने मुद्दा बनाया।
वहीं, पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया कि किसी भी संगठन को कानून हाथ में लेने की अनुमति नहीं दी जाएगी और शांति व्यवस्था बनाए रखना प्राथमिकता है। दिनभर चली इस राजनीतिक हलचल के बीच राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रही और देर शाम तक स्थिति सामान्य बनी रही।
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