रामानुजगंज /छत्तीसगढ़
मुख्य बिंदु:
▪ रामानुजगंज जिला जेल में विचाराधीन बंदी बिशुन कोड़ाकू की मौत
▪ हत्या और टोनही प्रताड़ना के मामले में दो वर्षों से था बंद
▪ तबीयत बिगड़ने पर अस्पताल ले जाया गया, डॉक्टरों ने किया मृत घोषित
▪ पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट होगा मौत का कारण
अचानक बिगड़ी तबीयत, अस्पताल में हुई मौत
छत्तीसगढ़ के रामानुजगंज स्थित जिला जेल में एक विचाराधीन बंदी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत होने से जेल प्रबंधन सकते में है। मृतक की पहचान बिशुन कोड़ाकू के रूप में हुई है, जो बलरामपुर जिले के पस्ता थाना क्षेत्र अंतर्गत सीतारामपुर गांव का निवासी था। वह पिछले दो वर्षों से हत्या और टोनही प्रताड़ना के आरोप में जेल में बंद था और मामला न्यायालय में विचाराधीन था। शुक्रवार शाम अचानक उसकी तबीयत बिगड़ने पर उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) भेजा गया, जहां उपचार के बाद रात में पुनः जेल लौटा दिया गया।
जेल प्रशासन की सफाई और उठते सवाल
जेलर वाल्मीकि ध्रुव के अनुसार, शनिवार को दोबारा तबीयत खराब होने पर बंदी को फिर अस्पताल भेजा गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक वह उल्टी, दस्त और अत्यधिक कमजोरी से पीड़ित था। हालांकि जेल परिसर में बंदी की मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। परिजन और स्थानीय लोग घटना को लेकर पारदर्शिता की मांग कर रहे हैं। जेल प्रशासन का कहना है कि आवश्यक चिकित्सीय सहायता समय पर उपलब्ध कराई गई, लेकिन परिस्थितियां अब भी संदेह के घेरे में हैं।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट से खुलेगा रहस्य
मृतक के शव का पंचनामा परिजनों की मौजूदगी में तैयार किया गया और मजिस्ट्रेट की उपस्थिति में पोस्टमार्टम कराया गया। इसके बाद शव अंतिम संस्कार के लिए परिवार को सौंप दिया गया। प्रशासन का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा। फिलहाल घटना ने जेल सुरक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्थाओं पर बहस छेड़ दी है, और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग तेज हो गई है।
ख़बरें और भी…


