नई दिल्ली /भारत
- हाइलाइट बॉक्स:
- भारत को वैश्विक व्यापार में बड़ी राहत मिली है।
- पहले 50 प्रतिशत तक पहुंच चुके टैरिफ अब घटकर 18 प्रतिशत रह गए हैं।
- सरकार इसे भारत की कूटनीतिक और आर्थिक जीत मान रही है|
- जिससे निर्यात, निवेश और रोजगार को नई गति मिलने की उम्मीद है।
वैश्विक व्यापार में भारत की मजबूत स्थिति
नई दिल्ली :प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने टैरिफ वॉर के मोर्चे पर बड़ी सफलता हासिल की है। लंबे समय से चले आ रहे व्यापारिक तनाव के बाद भारत पर लगने वाला टैरिफ 50 प्रतिशत से घटकर 18 प्रतिशत पर आना एक अहम मोड़ माना जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह बदलाव भारत की बढ़ती वैश्विक स्वीकार्यता और संतुलित व्यापार नीति का परिणाम है, जिससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में भारतीय उत्पादों की प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी।
निर्यात और उद्योग को सीधा फायदा
टैरिफ में भारी कटौती का सबसे बड़ा लाभ भारत के निर्यातकों और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को मिलने वाला है। कम टैरिफ के चलते भारतीय सामान अब विदेशी बाजारों में सस्ता और आकर्षक होगा। उद्योग जगत का मानना है कि इससे ऑर्डर बढ़ेंगे, उत्पादन में तेजी आएगी और नए निवेश के रास्ते खुलेंगे। कई उद्योग संगठनों ने इसे “गेम चेंजर” करार दिया है।
आर्थिक कूटनीति की जीत
सरकारी सूत्रों के अनुसार यह फैसला भारत की सक्रिय आर्थिक कूटनीति और लगातार संवाद का नतीजा है। पीएम मोदी की रणनीति ने यह संदेश दिया है कि भारत न केवल एक बड़ा बाजार है, बल्कि भरोसेमंद व्यापारिक साझेदार भी है। विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले समय में इस फैसले का असर जीडीपी वृद्धि, रोजगार सृजन और विदेशी निवेश में साफ दिखाई देगा।
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