रायपुर/छत्तीसगढ़
हाइलाइट :
छत्तीसगढ़ सरकार की नई पहल ‘प्रोजेक्ट अंतरिक्ष संगवारी’ राज्य के छात्रों को स्पेस टेक्नोलॉजी और अनुसंधान से जोड़ेगी। स्कूल व कॉलेज स्तर पर स्पेस साइंस, सैटेलाइट, रॉकेट्री और डेटा एनालिसिस का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा।
स्पेस टेक्नोलॉजी की दिशा में छत्तीसगढ़ की बड़ी छलांग
छत्तीसगढ़ अब केवल खनिज और कृषि प्रधान राज्य नहीं रहेगा, बल्कि स्पेस टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में भी अपनी अलग पहचान बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। ‘प्रोजेक्ट अंतरिक्ष संगवारी’ के माध्यम से राज्य सरकार का लक्ष्य छात्रों में वैज्ञानिक सोच विकसित करना और उन्हें भविष्य की स्पेस इंडस्ट्री के लिए तैयार करना है। इस पहल के तहत छात्रों को अंतरिक्ष विज्ञान के मूल सिद्धांतों के साथ-साथ आधुनिक तकनीकों की जानकारी भी दी जाएगी, जिससे वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की स्पेस परियोजनाओं में योगदान दे सकें।
छात्रों को मिलेगा व्यावहारिक स्पेस रिसर्च प्रशिक्षण
इस परियोजना के अंतर्गत चयनित छात्रों को विशेषज्ञ वैज्ञानिकों और तकनीकी संस्थानों के सहयोग से प्रशिक्षण दिया जाएगा। सैटेलाइट डिजाइन, स्पेस मिशन प्लानिंग और डेटा इंटरप्रिटेशन जैसे विषयों पर फोकस रहेगा। एक शिक्षक के अनुसार, “यह कार्यक्रम ग्रामीण और शहरी, दोनों क्षेत्रों के विद्यार्थियों के लिए समान अवसर प्रदान करेगा और उनकी प्रतिभा को नई दिशा देगा।” इससे छात्रों में आत्मविश्वास बढ़ेगा और वे रिसर्च व इनोवेशन की ओर प्रेरित होंगे।
राज्य के युवाओं के लिए नए करियर अवसर
‘प्रोजेक्ट अंतरिक्ष संगवारी’ से न केवल शिक्षा का स्तर ऊंचा होगा, बल्कि राज्य में स्पेस टेक्नोलॉजी आधारित स्टार्टअप और रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि यह पहल छत्तीसगढ़ को भविष्य का स्पेस टेक्नोलॉजी हब बनाने में अहम भूमिका निभाएगी और राज्य के युवा देश के वैज्ञानिक विकास में सक्रिय भागीदार बनेंगे।
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