नई दिल्ली /भारत
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बजट सत्र के शुभारंभ पर अपने अभिभाषण में तीन बार छत्तीसगढ़ का उल्लेख किया। नक्सलवाद के खिलाफ सफलता, बस्तर के नवाचार और जनजातीय योगदान को राष्ट्रीय मंच पर सराहा गया।
राष्ट्रपति के अभिभाषण में छत्तीसगढ़ की प्रमुख उपस्थिति
नई दिल्ली में बजट सत्र के शुभारंभ अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अभिभाषण में छत्तीसगढ़ को विशेष महत्व दिया गया। रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने इसे प्रदेश और छत्तीसगढ़वासियों के लिए गौरव का विषय बताते हुए कहा कि राष्ट्रपति द्वारा तीन बार राज्य का उल्लेख किया जाना उसकी बढ़ती भूमिका और आत्मनिर्भरता का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि यह संकेत है कि छत्तीसगढ़ अब राष्ट्रीय विकास विमर्श में मजबूती से अपनी पहचान बना रहा है।
नक्सल समस्या पर सफलता और बस्तर के नवाचारों की सराहना
राष्ट्रपति ने अपने संबोधन में छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या के प्रभावी नियंत्रण की विशेष प्रशंसा की और करीब 2000 नक्सलियों के समर्पण का उल्लेख किया। साथ ही पंडुम कैफे, बस्तर ओलंपिक तथा स्वतंत्रता संग्राम में जनजातीय समाज की भूमिका पर आधारित नवनिर्मित संग्रहालय का भी जिक्र किया। बस्तर के सुदूर अंचलों में पहली बार बस सेवा शुरू होने को उन्होंने समावेशी विकास का उदाहरण बताया।
केंद्र सरकार की सुरक्षा और विकास पहलों की मान्यता
राष्ट्रपति मुर्मू ने मध्य भारत में चल रही निरंतर सुरक्षा गतिविधियों और छत्तीसगढ़ में केंद्र सरकार द्वारा किए जा रहे विकास कार्यों की भी सराहना की। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि यह राज्य के व्यापक जनहित कार्यों की राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता है और इसके लिए उन्होंने राष्ट्रपति के प्रति आभार व्यक्त किया।
खबरें और भी…


