रायपुर/छत्तीसगढ़
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने यूरोपीय संघ की शीर्ष नेतृत्व से मुलाकात कर भारत-ईयू साझेदारी को और मजबूत करने पर सहमति जताई। 77वें गणतंत्र दिवस पर यूरोपीय संघ के शीर्ष नेताओं की मौजूदगी को द्विपक्षीय संबंधों के लिए महत्वपूर्ण संकेत माना जा रहा है
जयशंकर–काजा कल्लास वार्ता में दिखी साझेदारी की मजबूती
नई दिल्ली। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने रविवार को यूरोपीय आयोग की विदेश मामलों और सुरक्षा नीति की उच्च प्रतिनिधि तथा उपाध्यक्ष काजा कल्लास से मुलाकात की। इस दौरान दोनों नेताओं के बीच “व्यापक और सार्थक बातचीत” हुई। जयशंकर ने सोशल मीडिया मंच X पर कहा कि इस चर्चा से भारत-यूरोपीय संघ साझेदारी में बढ़ती सहजता और साझा प्राथमिकताएं स्पष्ट रूप से सामने आई हैं। उन्होंने बताया कि दोनों पक्षों ने आपसी संवाद को और गहरा करने तथा सहयोगात्मक एजेंडे को आगे बढ़ाने पर सहमति जताई।
यूरोपीय संघ के शीर्ष नेताओं का भारत आगमन
इससे पहले दिन में जयशंकर ने यूरोपीय संघ परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन से भी बातचीत की। उन्होंने विश्वास जताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ होने वाली उनकी चर्चा भारत-ईयू संबंधों में एक नए अध्याय की शुरुआत करेगी। जयशंकर ने कहा कि 77वें गणतंत्र दिवस समारोह में यूरोपीय संघ के शीर्ष नेताओं की मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थिति भारत के लिए सम्मान की बात है और यह रणनीतिक साझेदारी की गहराई को दर्शाती है।
विश्वास और भरोसे पर आधारित भारत-ईयू संबंध
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने भारत-यूरोपीय संघ संबंधों को “विश्वास और भरोसे की साझेदारी” बताया। उन्होंने जानकारी दी कि एंटोनियो कोस्टा और उर्सुला वॉन डेर लेयेन का नई दिल्ली पहुंचने पर औपचारिक स्वागत किया गया और गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। वाणिज्य एवं उद्योग तथा इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने उनका स्वागत किया। माना जा रहा है कि यह यात्रा भारत-ईयू की रणनीतिक साझेदारी को नई दिशा देगी और वैश्विक मुद्दों पर सहयोग को और सशक्त बनाएगी।
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